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पत्थरबाजों से बचने की कवायद में जवानों के खिलाफ FIR

श्रीनगर: बीरवाह इलाके में उपचुनाव के दौरान पत्थरबाजों से बचने के लिए एक व्यक्ति को गाड़ी के आगे बांधकर चलने के मामले में सेना के अज्ञात जवानों के खिलाफ बीरवाह पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।





मामला नौ अप्रैल का है जब लोकसभा उपचुनाव के दौरान पथराव से बचने के लिए सेना ने एक व्यक्ति को जीप के आगे बांध दिया था। मामले में सेना के जवानों के खिलाफ आईपीसी 342 (गलत तरीके से किसी को कब्जे में रखना), 149 (साझा अपराध को अंजाम देने की नीयत से गैर कानूनी तरीके से एकत्र होने वाला हर व्यक्ति दोषी है), 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) और 367 (किसी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाने के इरादे से उसका अपहरण करना) के तहत प्राथमिकी दर्जी की गई है। मामले की जांच उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।

कश्मीर के कुछ युवक सेना के जवानों पर अक्सर पत्थरबाजी करते रहते हैं

बड़गाम जिले में स्थित खानसाहिब के फारूक अहमद डार को जीप पर बैठा कर घुमाने का एक वीडियो 14 अप्रैल को वायरल हो गया था। वीडियो में एक सैनिक यह कहते हुए सुनाई दे रहा है, ‘पथराव करने वालों का यह अंजाम होगा।’

आर्मी चीफ रावत ने एनएसए डोभाल से की मुलाकात

थल सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने विवादित ‘‘मानव कवच’’ वाले वीडियो को लेकर घाटी में बढ़ते विरोध के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल से मुलाकात की तथा उन्हें कश्मीर घाटी की सुरक्षा स्थिति से अवगत कराया।

आर्मी चीफ बिपिन रावत ने एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की

डोभाल से मुलाकात करने के एक दिन पहले रावत ने जम्मू कश्मीर की अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और राज्यपाल एन एन वोहरा से कानून व्यवस्था को लेकर अलग अलग बातचीत की थी।

ऐसा भी वीडियो आया था सामने

इससे पहले सेना ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए उन दो वीडियो की सच्चाई का पता लगाने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था जिनमें सेना के जवान युवकों की पिटाई करते और उन्हें पाकिस्तान विरोधी नारे लगाने को मजबूर करते दिख रहे हैं।

15 अप्रैल को सामने आए वीडियो में से एक में सेना के चार जवान पुलवामा डिग्री कॉलेज के एक छात्र को कथित तौर पर जमीन पर गिराकर बेंत से उसकी पिटाई करते दिख रहे हैं। दूसरे वीडियो में तीन युवक सेना की हिरासत में सेना के एक वाहन में दिख रहे हैं और एक जवान उन्हें पाकिस्तान को कोसने और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाने को मजबूर करता नजर आ रहा है।

सूबे की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य पुलिस से इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। सेना ने भी मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी थी।

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