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2007 और 2012 के बाद जम्मू कश्मीर में हिमस्खलन की तीसरी घटना

जम्मू कश्मीर के गुरेज सेक्टर में हुए हिमस्खलन में लापता चार और जवानों के शव बरामद हुए हैं जिससे शहीद होने वाले जवानों की संख्या 10 से बढ़कर 14 हो गई। गौरतलब है कि 25 जनवरी की देर शाम को 6 जवान गुरेज सेक्टर पर अपने आर्मी कैम्प पर मौजूद थे तभी तेज बर्फबारी से हिमस्खलन हुआ।

जम्मू कश्मीर के गुरेज सेक्टर में हुए हिमस्खलन में लापता चार और जवानों के शव बरामद हुए हैं जिससे शहीद होने वाले जवानों की संख्या 10 से बढ़कर 14 हो गई। गौरतलब है कि 25 जनवरी की देर शाम को 6 जवान गुरेज सेक्टर पर अपने आर्मी कैम्प पर मौजूद थे तभी तेज बर्फबारी से हिमस्खलन हुआ। इसमें जवानों का कैंप बर्फ के ढेर में दब गया और उसमें मौजूद 6 जवान शहीद हो गए।





हिमस्खलन की यह तीसरी घटना

इससे पहले सीमा से सटे इलाके सोनापार में हिमस्खलन से एक जवान की मौत हो गई थी और दो जवान लापता हो गए थे। वहीं, जम्मू कश्मीर पुलिस ने बताया है कि हिमस्खलन से प्रभावित होने वाले इलाके से 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2007 और मार्च 2012 के बाद जम्मू कश्मीर में हिमस्खलन की यह तीसरी घटना है जिसमें सेना के कई जवान शहीद हुए।

242 जवान अपनी जान गंवा चुके हैं

रिपोर्ट के अनुसार, 2007 से अब तक घाटी में कुल 242 जवान अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से 62 जवान प्राकृतिक आपदाओं का शिकार हुए हैं। घाटी में भीषण बर्फबारी के बाद पिछले एक दशक में इस बार सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है।

हिमस्खलन का खतरा तब और बढ़ जाता है…

बीते कुछ सालों में जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में हिमस्खलन से कई नागरिकों और सैनिकों की मौत हो चुकी है। जानकारों का कहना है कि हिमस्खलन का खतरा तब और बढ़ जाता है जब ऐसी जगहों पर मकान या शिविर बनाए जाते हैं। कश्मीर घाटी में बीते 4 दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग ने एक-दो दिन और बर्फबारी जारी रहने की आशंका जताई है।

प्रशासन ने कश्मीर के कई इलाकों के लिए हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। पुलिस और प्रशासन ने पिछले तीन दिनों तक सैकड़ों लोगों को ऐसे इलाकों से सुरक्षित निकाला है, जहां भारी बर्फबारी हो रही है।

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