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‘मिलिट्री लिजेंड’ फील्ड मार्शल मानेकशॉ की 9वीं पुण्यतिथि

जनरल -मानेकशॉ

भारत के सबसे लोकप्रिय सेना प्रमुखों में से एक रहे फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ ने 1971 भारत-पाक युद्ध में अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने अपनी निडरता और लीडरशिप क्वालिटी से दुनिया को स्तब्ध कर दिया। साहस और युद्धकौशल के लिए मशहूर, भारतीय सेना के इतिहास में स्वर्णिम दस्तखत करने वाले सबसे ज्यादा चर्चित और कुशल सैनिक कमांडर सैम मानेकशॉ की आज (27 जून) पुण्यतिथि है।





जीत के जज्बे का नायक सैम मानेकशॉ:

  • फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ ने भारत के लिए कई महत्वपूर्ण लड़ाईंयों में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
  • 17वीं इनफेनट्री डिवीजन में तैनात सैम मानेकशॉ ने पहली बार द्वितीय विश्वयुद्ध के जंग में हिस्सा लिया।
  • इसके बाद उन्होंने 1962 में हुए भारत चीन युद्ध में विजय प्राप्त किया था।
  • 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ जीत, जिसका सेहरा उनके सिर ही बांधा जाता है। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
  • इस युद्ध के बाद से ‘सैम बहादुर’ के नाम से मशहूर फील्ड मार्शल मानेकशॉ राष्ट्रीय महानायक के रूप में देखे जाते हैं।

सैम मानेनशॉ का जीवन परिचय:

  • इनका पूरा नाम सैम होर्मूसजी फ्रेमजी जमशेदजी मानेकशॉ है।
  • सैम मानेकशॉ का जन्म 3 अप्रैल, 1914 को अमृतसर में एक पारसी परिवार में हुआ था।
  • मानेकशॉ ने प्रारंभिक शिक्षा अमृतसर में की और बाद में वे नैनीताल क शेरवुड कॉलेज में दाखिल हो गए।
  • वे देहरादून के इंडियन मिलिट्री एकेडमी के पहले बैच के लिए चुने गए 40 छात्रों में से एक थे।
  • वहां से वे कमीशन प्राप्ति के बाद भारतीय सेना में भर्ती हुए।
  • सैम मानेकशॉ ने 7 जून 1969 को जनरल कुमारमंगलम के बाद भारत के 8वें सेना प्रमुख का पद ग्रहण किया।
  • सैम मानेकशॉ भारत के पहले फील्ड मार्शल थे।
  • उन्होंने 1 जनवरी 1973 को फील्ड मार्शल का सम्मान प्रदान किया गया।
  • नागालैंड समस्या को सुलझाने के अविस्मरणीय योगदान के लिए 1968 में पद्म भूषण से जवाजा गया।
  • उनके देशप्रेम व देश के प्रति निस्वार्थ सेवा की वजह से उन्हें 1972 में पद्म विभूषण से अलंकृत किया गया।
  • उन्होंने 40 साल के सैनिक जीवन को जिस तरह से निभाया, उसे जीत के जज्बे का नायक कहें या जिंदादिल इन्सान, हर रूप से खरे उतरते हैं।
  • 94 साल की उम्र में देश के राष्ट्रीय महानायक सैम मानेकशॉ ने तमिलनाडु के सैन्य अस्पताल में आखिरी सांस ली।

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