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राष्ट्रीय राइफल्स को जानना है, ‘होम ऑफ द ब्रेव’ पढ़िए

'होम ऑफ द ब्रेव'

नई दिल्ली: ‘होम ऑफ द ब्रेव’ पुस्तक राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के शुरुआती इतिहास, संगठन, स्थापना और पंजाब, उत्तर-पूर्व (पूर्वोत्तर) तथा जम्मू और कश्मीर में तैनाती सहित संपूर्ण इतिहास को बयां करती है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने साउथ ब्लॉक में इसका विमोचन किया। यह पुस्तक नितिन ए गोखले, रक्षा एवं सुरक्षा विश्लेषक और ब्रिगेडियर एस के चटर्जी (सेवानिवृत्त) ने लिखी है।





इस मौके पर सेना प्रमुख (सीओएएस), राष्ट्रीय राइफल्स के महानिदेशक, राष्ट्रीय राइफल्स महानिदेशालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। पुस्तक भारतीय सेना के पेशेवराना अंदाज और सैन्य नैतिकता तथा मूल्यों को मजबूत करने में राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) की भूमिका प्रतिबिंबित करती है। ‘होम ऑफ द ब्रेव’ पुस्तक सेना की सभी इकाइयों और सेना प्रशिक्षण संस्थानों के लिए राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) की उपलब्धियों के एक प्रामाणिक रिकॉर्ड के रूप में भी कार्य करेगी। रक्षा नीति योजनाकारों, शोध विद्वानों और सैन्य इतिहासकारों के लिए यह पुस्तक तथ्यात्मक और अच्छी तरह से सिलसिलेवार जानकारी प्रदान करती है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) एक अभेद्य उग्रवाद विरोधी दल (काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स) है, इसने ऑपरेशनों से कई ख्यातियां अर्जित की है। इसके साथ ही राष्ट्र की सुरक्षा के अपने प्रमुख ध्येय को पूरा करने के अलावा इस बल ने कई ऐसे कारनामे किए हैं जिसे काफी सराहना मिली है।

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