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CAG के बाद भारतीय सेना को लेकर एक और खुलासा…

भारतीय सेना

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान और सिक्किम में चीन के साथ तनाव के बीच सेना में जवानों की कमी का मामला सामने आया है। रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने शुक्रवार को लोकसभा में इसकी जानकारी दी। जूनियर कमिशन के रैंक में 52,000 से अधिक कार्मिक अधिकारियों, नाविकों और वायुसैनिकों की कमी है। सुभाष भामरे ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि भारतीय सेना में सबसे अधिक 25,472 संयुक्त कमान अधिकारियों और अन्य रैंक के अधिकारियों की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा कमी सेना की कुल क्षमता का बहुत कम है। भारतीय सेना में लगभग 14 लाख सक्रिय जवान हैं। वायुसेना में 13,383 वायुसैनिकों की कमी है जबकि नौसेना में 13,785 नौसेनिकों की और जरूरत है।





एक अन्य प्रश्न के उत्तर में रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि 2014 से 2016 तक सेना में 245 महिला अधिकारियों की भर्ती की गई, वायुसेना में 486 और नौसेना में महज 135 महिला अधिकारियों को भर्ती किया गया।

रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सुरक्षा जवानों की कमी घटाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें प्रशिक्षण क्षमता में वृद्धि, निरंतर छवि निर्माण, करियर संबंधी मेले और प्रदर्शनियों में भागीदारी सशस्त्र सेनाओं में चुनौतिपूर्ण करियर का फायदा उठाने के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए प्रचार अभियान शामिल है।

उल्लेखनीय है कि कैग इससे पहले गोला-बारूद के बारे में भी एक रिपोर्ट पेश कर चुका है। कुछ दिन पहले आई कैग की रिपोर्ट में बताया गया था कि युद्ध छिड़ने की स्थिति में सेना के पास महज 10 दिनों के लिए ही पर्याप्त गोला-बारूद है।सेना के पास कम से कम इतना गोला-बारूद तो होना ही चाहिए 20 दिन तक युद्ध लड़ा जा सके। वैसे बता दें कि पहले सेना को 40 दिनों का युद्ध लड़ने लायक गोला-बारूद रखना होता था। वर्ष 1999 में इसे कम कर 20 दिन कर दिया गया था।

हालांकि गोला-बारूद की कमी पर उठते सवालों का जवाब देते हुए रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने संसद को आश्वस्त किया था कि सेना के पास पर्याप्त हथियार और गोला बारूद हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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