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शौर्य वीर अवार्ड पाने वाली गुंजन इसलिए हैं ‘वीरांगना’

गुंजन सक्सेना

ग्वालियर। इस साल के वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान मेला में भारत की पहली महिला शौर्य चक्र विजेता, करगिल योद्धा व युद्ध क्षेत्र में उड़ान भरने वाली पहली महिला पायलट गुंजन सक्सेना को ‘वीरांगना सम्मान-2017’ से विभूषित किया जाएगा।





  • गुंजन सक्सेना ऐसी पहली महिला पायलट हैं जिसने करगिल संघर्ष के दौरान रणक्षेत्रों में उड़ान भरी। मिसाइल, राकेट लांचर और जहां तोप के गोले दागे जा रहे थे वहां महिला फ्लाइंग लेफ्टिनेंट गुंजन हेलिकाप्टर उड़ा रही थीं। गुंजन ने दर्जनों उड़ाने भरीं ताकि भारतीय सैनिकों को रणक्षेत्र में उतारा जा सके और दुश्मन के हमले में घायल हुए अपने साथियों को वहां से सुरक्षित निकाला जा सके। यही नहीं सैनिकों को जरूरी सामान पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उन्होंने बखूबी निभाई। गुंजन उन 25 महिला पायलटों में से एक थीं जिन्हें 1994 में प्रशिक्षण के लिए भारतीय वायुसेना में चुना गया था। गुंजन को इस कार्य के लिए शौर्य वीर अवार्ड से सम्मानित किया गया था। बिना दुश्मन से सीधे संघर्ष किए भी अत्यन्त बहादुरी, हिम्मत, और जांबाजी के जज्बे से ओतप्रोत ऐसा सम्मान पाने वाली वे पहली महिला अधिकारी भी हैं।

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी 18 जून को सायंकाल प्रमुख समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। बलिदान मेले में 17 जून की शाम देश की प्रख्यात लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी स्वरांजलि देंगी। वीरांगना बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष व प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने बताया कि प्रथम स्वातंत्र्य समर की प्रथम वीरांगना झांसी की रानी के बलिदान की 159वीं वर्षगांठ पर आयोजित 18वें बलिदान मेला की शुरुआत 17 जून की सुबह छह बजे मृगनयनी गार्डन से महिला मैराथन ‘दौड़े-शहीदों के नाम’ से होगी।

इस दिन की सांध्यबेला में साढ़े पांच बजे झांसी के किले से चलकर आई शहीद ज्योति ग्वालियर दुर्ग की तलहटी कोटेश्वर प्रांगण से वाहन रैली व वीरांगना की सजीव झांकी की शोभायात्रा के रूप में लक्ष्मीबाई समाधि पहुंचेगी, जहां भारत की विख्यात लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ‘एक शाम-वीरांगना के नाम’ से प्रस्तुति देंगी। इस मौके पर रानी के मौलिक शस्त्रों की तथा स्वराज संस्थान की क्रांतिकारियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा।

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस साल क्रांतिवीर परिजन सम्मान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की पौत्री सत्यकी सावरकर को दिया जायेगा तथा इस वर्ष सरहद पर शहीदों के परिजनों का सम्मान भी किया जायेगा। 18 जून को प्रात: काल साढ़े आठ बजे मिसहिल सभागार में शहीदों पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता होगी। 18 जून को सायं सात बजे जीवित घोड़े, ऊंटों के साथ ‘क्रांति की ज्वाला’ नामक महानाट्य होगा।

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