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नाकेबंदी झेल रहे मणिपुर में सी-17 विमान से 96000 लीटर ईंधन सप्लाई

ईंधन 6 टैंकरों में भरकर गुवाहाटी से सी-17 कार्गों विमान से इम्फाल पहुंचाया गया। नगा परिषद की अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी की वजह से ईंधन संकट पैदा हुआ है।

इम्फाल: तीन महीने से आर्थिक नाकाबंदी झेल रहे मणिपुर में भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए 96,000 लीटर ईंधन पहुंचने से लोगों को कुछ राहत मिलने लगी है। ये ईंधन 6 टैंकरों में भरकर गुवाहाटी से सी-17 कार्गो विमान के जरिए इम्फाल पहुंचाया गया। संयुक्त नगा परिषद की राज्य में अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी की वजह से ईंधन संकट पैदा हुआ है।





सोमवार की शाम दो टैंकरों में 32,000 लीटर ईंधन गुवाहाटी के बोरझार वायुसेवा स्टेशन से विमान के जरिये इम्फाल पहुंचाया गया। इसके अतिरिक्त दो और खेप में 64,000 लीटर ईंधन पहुंचाया गया। इस तरह 6 टैंकर ईंधन यानी 96000 लीटर ईंधन सी-17 कार्गो के जरिए मणिपुर में सप्लाई किया गया।

नगा गुटों का कहना है कि दो जिलों, सदर हिल्स और जिरीबाम, का गठन सरकार ने बिना उनके सलाह-मशविरे के किया है। नगा गुटों ने इसके विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 और 53 पर नाकेबंदी करके राज्य के बाकी हिस्सों से अलग-थलग किया हुआ है।

आर्थिक नाकेबंदी की वजह से ईंधन संकट पैदा हो गया है

राज्य में 4 और 8 मार्च को होने वाले चुनाव और आर्थिक नाकेबंदी से मणिपुर के बाशिन्दों की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं क्योंकि, वहां जरूरी सामान की सप्लाई पहले से ही रुकी हुई है।  

सी-17 वायुसेना का सबसे बड़ा कार्गो विमान

यह भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा कार्गो विमान है। ढाई हजार करोड़ रुपए कीमत वाला सी-17 ग्लोब मास्टर एक ऐसा ट्रांसपोर्ट वाहक है जो तमाम साजो-सामान से लैस 300 जवानों तक की टुकड़ी को देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाने की क्षमता रखता है।

सी 17 भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा कार्गो विमान है।

प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्यों में अहम भूमिका निभाने वाले इस विमान से लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्र और चीनी सीमा तक भारी भरकम टैंक और बख्तरबंद वाहन पहुंचाए जा सकते हैं।

CAG ने आलोचना की थी

भारत के महालेखा नियंत्रक (CAG) ने अपनी रिपोर्ट में सी-17 विमान के कम इस्तेमाल किए जाने पर अंगुली उठाई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि ऐसे विमान को इस्तेमाल करने के लिए न तो पर्याप्त रनवे है और न ही बेस पर जरूर कामकाज। CAG ने इसकी एक घंटे की उड़ान पर होने वाले खर्च को भी तुलनात्मक रूप से ज्यादा बताया था जोकि 43.19 लाख रुपए है। भारत ने 2011 में अमेरिका से 18 हजार करोड़ रुपए में 10 विमान खरीदे थे।

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