Air Force

छठे दिन मिला सुखोई का ब्लैक बॉक्स, पायलटों का सुराग नहीं

सुखोई-30 MKi

तेजपुर। 23 मई को क्रैश हुए वायुसेना के सुखोई विमान-30MKi का ब्लैक बॉक्स अरुणाचल प्रदेश में घने जंगल से बरामद कर लिया गया है। विमान का मलबा शुक्रवार को मिला था लेकिन विमान उड़ाने वाले दोनों पायलटों का पता नहीं चल सका है।





विमान का ब्लैक बॉकस बरामद

वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमांडर अनुपम बनर्जी ने दिल्ली में कहा कि खोज और बचावकर्मियों का दल दुर्घटनास्थल तक पहुंच गया है। विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और आगे तलाश जारी है।

ब्लैक बॉक्स

ब्लैक बॉक्स से जुड़ी खास बातें

हादसे की कोर्ट ऑफ इनक्वायरी

विमान मंगलवार को नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान लापता हो गया था। विमान का मलबा शुक्रवार को तेजपुर एयरबेस से करीब 60 किलोमीटर दूर घने जंगलों में मिला था। वायुसेना ने पहले ही इस हादसे की कोर्ट ऑफ इनक्वायरी के आदेश दे दिए हैं।

यह एयरक्राफ्ट असम के तेजपुर से नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। तेजपुर से 60 किलोमीटर उत्तर में जब ये विमान था, तभी रडार से इसका संपर्क टूट गया था।

7 साल में 8 हादसे

रूस से खरीदा गया सुखोई विमान वायुसेना की अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों में से है। इसी मिलाकर सात साल में 8 सुखोई विमान हादसे का शिकार हो चुके हैं। करीब 358 करोड़ रुपए की लागत वाला यह विमान 4.5 जेनरेशन का विमान है और इस समय दुनिया के श्रेष्ठ लड़ाकू विमानों की श्रेणी में शामिल है।

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सुखोई विमान की खासियतें

दो-इंजन वाले सुखोई-30 एयरक्राफ्ट का निर्माण रूस की कंपनी सुखोई एविएशन कॉरपोरेशन ने किया है। भारत की रक्षा जरूरतों के लिहाज से सुखोई विमान काफी अहम है। यह सभी मौसम में उड़ान भर सकता है. हवा से हवा में, हवा से सतह पर मार करने में सक्षम है।

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