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सुखोई-30 MKi क्रैश : दोनों पायलटों के शव अरुणाचल के पास घने जंगल से बरामद, देखें वीडियो

सुखोई-30 MKi हादसा

तेजपुर। 23 मई को असम के तेजपुर सैन्य पट्टी से उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद क्रैश हुए भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 MKi विमान के दोनों पायलटों केरल के रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेव एस (26) और चंडीगढ़ के निवासी स्क्वाड्रन लीडर दिवेश पंकज (36) के शव मिल गए हैं। दोनों के शव अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास घने जंगलों से बरामद किए गए। उनके शरीर पर जानलेवा चोटों के निशान पाए गए हैं। फ्लाइट डाटा रिकार्डर के विश्लेषण से पता लगा है कि पायलटों को इतना भी मौक़ा नहीं मिला कि वे अपने आपको Eject कर पाते। वायुसेना के प्रवक्ता के मुताबिक़ हालात से लगता है कि दोनों पायलट खुद को काकपिट से Eject करने से पहले ही बुरी तरह घायल हो गए थे। बता दें कि तेजपुर में इस समय 36 एयरक्राफ्ट के साथ दो स्क्वाड्रन की तैनाती है।





Indian Airforce : लड़ाकू विमान Sukhoi-30MKi के दो पायलटों का आखिरी सफ़र…वीडियो

तेजपुर 4 कार्प्स के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सोम्बित घोष ने बताया कि पायलटों के शवों को तेजपुर स्थित वायुसेना के बेस में लाया गया। स्क्वाड्रन लीडर दिवेश पंकज का परिवार यहाँ मौजूद था। उनका अंतिम संस्कार कल यहीं कर दिया गया। जबकि फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेव एस का शव केरल स्थित उनके घर भेजा गया जहां आज उनका अंतिम संस्कार किया गया। अचु देव एस. के पिता पी. वी. सहदेवन इसरो में साइंटिस्ट रहे हैं।

Air Force के अधिकारियों ने रिश्तेदारों को सूचना दी कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेव एस की बाडी मंगलवार की रात सर्च आपरेशन के दौरान पाई गई। अचुदेव के माता-पिता पिछले कई दिनों से IAF के तेजपुर बेस में थे। अचुदेव एस नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के 121वें कोर्स के कैडेट रहे। उन्होंने दिसंबर 2012 में वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया और उससे पहले राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (IMA), देहरादून से पढ़ाई की थी।

सुखोई-30 MKi

सुखोई-30 MKi हादसे में मारे गए फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेव एस को श्रद्धांजलि अर्पित करते लोग। साथ में बैठे हुए अचुदेव के मम्मी और पापा

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सुखोई-30 MKi हादसे में मारे गए फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेव एस के मम्मी और पापा

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सुखोई-30 MKi हादसे में मारे गए स्क्वाड्रन लीडर दिवेश पंकज के मेडल और यूनिफार्म उनकी पत्नी को सौंपे गए

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सुखोई-30 MKi हादसे में मारे गए स्क्वाड्रन लीडर दिवेश पंकज को मुखाग्नि देता भाई चेतन

दिवेश पंकज का अंतिम संस्कार कल तेजपुर में ही कर दिया गया। उसके छोटे भाई चेतन पंकज ने उसे मुखाग्नि दी।

गौरतलब है कि मध्य असम के शोणितपुर जिलांतर्गत तेजपुर हवाई अड्डे से 23 मई को सुबह 10.30 बजे एयरफोर्स (Indian Airforce) का दो इंजन वाला सुखोई-30MKi  नियमित उड़ान रवाना हुआ था। ‘सुखोई-30’ का रडार से संपर्क दिन के 11.30 बजे के आसपास तक था। उस समय वह तेजपुर से 60 किमी दूर उत्तर में था। इस समय तक वह डूबिया स्थित वायुसेना नियंत्रण कक्ष के संपर्क में था। इसके बाद से रडार से उसका संपर्क टूट गया। आखिरी बार सुखोई-30 को अरुणाचल प्रदेश और चीन बार्डर पर डाल्संग इलाके में देखा गया था।

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