Air Force

स्क्वाड्रन लीडर पत्नी ने वर्दी में शहीद पति को दी आखिरी विदाई…

उनकी यूनीफॉर्म सैन्य सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार के बाद पत्नी स्क्वाइड्रन लीडर अदिति जैन को सौंपी गई

तेजपुर। 169 लोगों की जिंदगियां बचाने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह 4 जुलाई, 2017 को अरुणाचल प्रदेश में हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हो गए थे। एयर कमांडर केवीआर राजू (AOC) एयर फोर्स स्टेशन तेजपुर ने उनकी पत्नी अदिति को शहीद पति की युनिफोर्म प्रदान की रविवार को परिवार की मौजूदगी में पूरे सैन्य सम्मान के साथ प्रमोद कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। आगरा के बहादुर बेटे प्रमोद कुमार सिंह फ्लाइट लेफ्टिनेंट 169 लोगों की जान बचाने के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।





पत्नी ने वर्दी में दी शहीद पति को सलामी

उनकी यूनीफॉर्म सैन्य सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार के बाद पत्नी स्क्वाइड्रन लीडर अदिति जैन को सौंपी गई

उनकी यूनिफॉर्म सैन्य सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार के बाद पत्नी स्क्वाड्रन लीडर अदिति जैन को सौंपी गई

तेजपुर में अपने पति के अंत्येष्टि समारोह के दौरान पत्नी (स्क्वाड्रन लीडर) अदिति जैन ने अपने शहीद पति फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार की वर्दी प्राप्त की और उन्हें आखिरी सलामी दी। 26 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह और उनकी पत्‍‌नी अदिति एयरफोर्स की 115वीं हेलिकॉप्टर यूनिट, तेजपुर (असम) में पोस्टेड थे। उनका परिवार बाढ़ में फंसे लोगों की जान बचाते हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में घर के लाडले के चले जाने से सदमे में तो है लेकिन फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह की शहादत पर परिवार को गर्व भी है। मूल रूप से आगरा के एक गांव छत्तरपुरा रिटायर कैप्टन राम निवास साल 2010 से नालंदा टाउन में पत्‍‌नी पुष्पा के साथ रह रहे हैं। उनका पूरा परिवार देश की सेवा से जुड़ा रहा। बड़े बेटे मेजर प्रवीण, प्रवीण की पत्‍‌नी रिया सिंह आर्मी स्कूल में टीचर हैं। प्रमोद रामनिवास के छोटे बेटे थे।

मां से कहा था ‘अपना ख्याल रखना’

स्क्वाइड्रन लीडर अदिति जैन के साथ शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह

अपनी पत्नी स्क्वाइड्रन लीडर अदिति जैन के साथ शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह

हादसे के दो ही दिन पहले फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह ने अंतिम बार अपनी मां से फोन पर बात की थी और कहा था कि ‘अपना ध्यान रखना।’ इससे पहले एक जुलाई को भाभी रिया सिंह को जन्मदिन की बधाई दी थी और भाई मेजर प्रवीण से भी बात की थी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह ने आगरा के आर्मी स्कूल से हाईस्कूल की पढ़ाई की। झांसी से इंटरमीडिएट किया और उनका एनडीए में सलेक्शन हो गया। हेलिकॉप्टर पायलट बनने के बाद वे जामनगर और उसके बाद तीन साल से तेजपुर में तैनात थे। उन्हें प्यार से सभी पीके कहते थे और वे सबके लाडले भी थे।

169 लोगों को बचाकर खुद शहीद हो गए फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद

शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह

शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह

प्रमोद कुमार की यूनिट को अरुणाचल प्रदेश के पापुन जिले में भूस्खलन के बाद आई बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में लगाया गया था। चार जुलाई को विंग कमांडर मनदीप सिंह ढिल्लन, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह ने अपनी टीम के साथ एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था, सागली से नाहरलागुन तक पांच उड़ानों के बाद लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया लेकिन छठीं उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही हेलिकॉप्टर का रडार से से संपर्क टूट गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

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