Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: तेजस को मिला मलेशिया का आरएफआई

तेजस मार्क-1

नई दिल्ली। मलेशियाई वायुसेना ने भारतीय तेजस लड़ाकू विमान में रुचि दिखाई है और इसकी विस्तृत जानकारी भारत में इसकी निर्माता हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लि. से मांगी है। इसके लिये औपचारिक तौर पर रिक्वेस्ट फार इनफार्मेशन (RFI)हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लि. को जारी कर दिया है।





 मलयेशियाई रक्षा मंत्रालय ने हलके लड़ाकू विमान के लिये अंतरराष्ट्रीय निर्माताओं से आवेदन मांगा था। इसके लिये मलयेशिया सरकार ने भारत के तेजस के अलावा रूस के याक- 130, पाकिस्तान-चीन के जेएफ-17 , इटली के अरमाची एमबी- 339 और दक्षिण कोरिया के टी- 50 ने  अपने आवेदन भेजे थे। इन सभी को मलयेशिया सरकार ने आरएफआई जारी किया है।

गौरतलब है कि तेजस विमान को मलयेशियाई रक्षा  प्रदर्शनी लीमा में पेश किया गया था। इस विमान ने अंतरराष्ट्रीय विजिटरों के समक्ष अत्यधिक रोमांचक उड़ान पेश कर अपनी ताकत और क्षमता का आकर्षक प्रदर्शन किया। लीमा में यह प्रदर्शनी गत सप्ताह ही सम्पन्न हुई है। इस प्रदर्शनी में तेजस के स्टैंड पर मलयेशियाई प्रधानमंत्री महातीर मुहम्मद भी गए और तेजस के काकपिट में बैठ कर इस विमान की गुणवत्ता का अहसास किया था।

गौरतलब है कि तेजस विमान को फरवरी माह में बेंगलूर में आयोजित एरोइंडिया- 2019 रक्षा प्रदर्शनी के दौरान फाइनल आपरेशनल क्लीयरंस (FOC) मिला था। इससे तेजस विमान की विश्वसनीयता काफी बढ़ी है और तेजस को अब अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार में पेश करने लायक मान लिया गया है।

तेजस विमान को भारतीय वायुसेना में शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लि. ने तेजस के इनीशियल आपरेशनल क्लीयरेंस (IOC) के 16 विमानों का उत्पादन कर  वायुसेना को सौंप दिया है। हैल के पास इसके अलावा 20 और फाइनल आपरेशनल क्लीयरेंस की किस्म के आर्डर मिल चुके हैं।

 यह विमान दुनिया के अत्याधुनिक ‘आएसा रेडार’ से लैस है और इस पर हवा से हवा में मार करने वाली लम्बी दूरी की मिसाइल तैनात की जा सकती है।

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