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स्पेशल रिपोर्ट: राजदूतों को बुलाकर दी सर्जिकल हमले की जानकारी

मिराज 2000
फाइल फोटो

नई दिल्ली। 14 फरवरी को पुलवामा हमले के जवाब में 26 फरवरी को पाकिस्तान के भीतर घुसकर किये गए दूसरे सर्जिकल हमले के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने अहम राजनय़िक कदम उठाते हुए यहां सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों के अलावा कुछ महत्वपूर्ण यूरोपीय और एशियाई देशों के राजदूतों को बुलाकर हमले की जानकारी दी।





इस हमले को सार्वजनिक समर्थन देने वाला पहला बयान ऑस्ट्रेलिया की ओऱ से आय़ा। पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थक रुख को संज्ञान में लेते हुए ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान सरकार को आतंकवादी संगठनों के खिलाफ तुरंत कदम उठाने चाहिये। बयान में कहा गया कि पाकिस्तान को सार्थक कदम उठाने होंगे। खासकर जैश ए मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी जिसने 14 फरवरी के पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली है। बयान में कहा गया कि जैश ए मोहम्मद पर प्रतिबंध लगाने के लिये अपने ही घोषित कदम के अनुरूप कदम उठाए। इन कदमों से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल दूर करने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया ने दोनों पक्षों से अपील की है कि संयम बरतें और तनाव दूर करने के लिये माहौल बनाएं।

यहां राजनयिक सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा परिषद के पांचों स्थायी सदस्यों औऱ अन्य राजदूतों की बैठक में विदेश सचिव विजय गोखले ने साफ कहा कि आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना के खिलाफ सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंध लगाने की जरूरी कार्रवाई सम्पन्न हो।

गौरतलब है कि पुलवामा हमले के तुरंत बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने महत्वपूर्ण देशों के राजदूतों को बुलाकर आगाह किया था कि पुलवामा हमले के लिये जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ यदि पाकिस्तान सरकार कार्रवाई नहीं करेगी तो भारत को जवाबी कार्रवाई के लिये सोचना होगा।

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