Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: बोईंग ने भारतीय वायुसेना को सौंपा 11वां ग्लोबमास्टर

ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट

नई दिल्ली।  अमेरिकी वैमानिकी कम्पनी बोईंग ने भारतीय वायुसेना को दुनिया के सबसे बड़े परिवहन विमान ग्लोबमास्टर  सी-117 सौंप दिया है। ऐसा  11वां ग्लोबमास्टर विमान  वायुसेना को सौंपा गया है।





इन विमानों की बदौलत भारतीय वायुसेना की सामरिक हवाई परिवहन क्षमता में भारी इजाफा होगा। इस विशालकाय विमान पर 200 से अधिक सैनिकों, उनके साजसामान और भारी हथियार लादे जा सकते हैं। इस विमान पर करीब 80 टन वजन के सैनिक साज सामान सुदूर इलाकों में तैनात किये जा सकते हैं। गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना का रूसी परिवहन विमान एएन- 32 केवल 06 टन वजन ढो सकता है जब कि आईएल-76 करीब  40 टन वजन ढो सकता है।

 इन विमानों ने भारतीय सेनाओं के कई मिशनों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।  इन विमानों ने शांति रक्षक अभियानों , राहत व बचाव कार्यों औऱ मानवीय मिशनों  में उल्लेखनीय योगदान दिया है।  ग्लोबमास्टर विमानों के बेड़ें की मेनटेनेंस बोईंग कम्पनी द्वारा की जा रही है।  बोईंग ने इन विमानों के संचालन के लिये साल 2016 में सीमूलेटर ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की थी।  इस सीमूलेटर ने 5,100 घंटे की ट्रेनिंग अबतक  भारतीय पायलटों को दी है।  बोईंग का दावा है कि इन विमानों को शत-प्रतिशत उड़ान अवस्था में हमेशा रखा गया है।

 भारतीय वायुसेना को 11वां ग्लोबमास्टर विमान सौंपने के बाद दुनिया भर में बोईंग के ऐसे 275 विमान उड़ाए जा रहे हैं।  भारतीय वायुसेना ने शुरू में 10 ग्लोबमास्टर विमानों का सौदा किया था। इसके बाद चार और विमानों का आर्डर दिया गया ।

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