Air Force

Special Report: 40 सुखोई-30 लड़ाकू विमान पर तैनात होगी ब्रह्मोस

सुखोई 30

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना अपने 40 सुखोई- 30 एमकेआई लड़ाकू विमानों में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल  ब्रह्मोस को तैनात करेगी। ब्रह्मोस की यह आसमान से जमीन पर किसी ठिकाने को नष्ट करने वाली किस्म होगी। इस तरह ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस सुखोई- 30  विमानों के जरिये दुश्मन के इलाके में 300 किलोमीटर भीतर तक अचूक वार किया जा सकता  है। इस तरह इस विमान के जरिये अपने इलाके में उड़ान के दौरान ही दुश्मन के इलाके में काफी भीतर किसी खास ठिकाने को नष्ट किया जा सकता है।





यहां विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि प्रतिकूल युद्ध माहौल में सुखोई- 30 एमकेआई के जरिये ब्रह्मोस मिसाइलों को चलाने का वास्तविक अनुभव करने के इरादे से एक उड़ान परीक्षण किया जाएगा ताकि समाघात माहौल में इसकी सक्षमता का परीक्षण हो सके।

सुखोई- 30 पर ब्रह्मोस मिसाइल का पहला परीक्षण पिछले साल नवम्बर में हुआ था जब समुद्र के ऊपर एक सचल लक्ष्य को निशाना बनाया गया था। सूत्रों ने बताया कि इस परीक्षण के दौरान रेडार औऱ अन्य इलेक्ट्रानिक प्रणालियां मिसाइल के लांच होने के बाद इस के पथ पर नजर रखेंगी। यह परीक्षण अगले कुछ दिनों के भीतर वायुसेना के लड़ाकू पायलट करेंगे।

सूत्रों ने बताया कि वायुसेना अपने 40 विमानों पर ब्रह्मोस मिसाइलों की तैनाती 2020 तक पूरी कर लेगी। ब्रह्मोस से लैस सुखोई- 30 विमानों का इस्तेमाल बालाकोट जैसे  आतंकी ठिकानों पर हमले के लिये किया जा सकता है। गौरतलब है कि वायुसेना के लिये कुल 272 सुखोई- 30 लड़ाकू विमान हासिल किये गए हैं। हिंदुस्तान ऐरोनाटिक्स इन विमानों की एसेम्बली कर रही है।

ब्रह्मोस मिसाइल का उत्पादन भी देश मे हो रहा है। इसे बनाने वाली कम्पनी ब्रह्मोस एरोस्पेश ने तीनों सेनाओं को इनकी सप्लाई शुरू कर दी है। भविष्य के किसी युद्ध में ब्रह्मोस मिसाइलों की उल्लेखनीय भूमिका होगी।

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