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इन दो महिला योद्धाओं के जोश को सलाम, जिन्होंने करगिल युद्ध में दुश्मन को धूल चटाई, जानें 8 बातें

करगिल का युद्ध और उसे जीतना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। इस युद्ध में हमारे जांबाज सैनिकों ने न केवल पाकिस्तान को उसकी औकात बताई थी बल्कि बुरी तरह पराजित भी किया था। इस जीत को 26 जुलाई को हर साल करगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस जीत के कई नायक रहे हैं। लेकिन इनमें गुंजन सक्सेना और श्रीविद्या राजन का अप्रतिम योगदान रहा है। आज पूरा देश उन्नीसवां करगिल विजय दिवस मना रहा है। इस शौर्य भरे अवसर पर हम आपको भारत की पहली इन दोनों महिला लड़ाकू पायलटों के बारे में बता रहे हैं।





करगिल युद्ध में दिखाई दिलेरी

गुंजन सक्सेना और श्रीविद्या राजन

गुंजन सक्सेना और श्रीविद्या राजन करगिल युद्ध के दौरान अत्यंत गोलीबारी वाले इलाके के मध्य से गुजरने वाली, बंदूकें चमकाती हुई, भारत की पहली महिला लड़ाकू पायलट थीं। इन दोनों बहादुर महिला पायलटों ने हालात को भारत के पक्ष में करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने खुद को रॉल मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया।

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