Air Force

कमांडर धामुन ने समय से पहले ले लिया रिटायरमेंट

Air Commodore J S Dhamoon

नई दिल्ली। पिछले साल आतंकी हमले के समय पठानकोट एयरबेस के कमांडर रहे एयर कमोडोर जे. एस. धामुन ने वायुसेना से समय से पहले ही रिटायरमेंट ले लिया है। हमले के दौरान पठानकोट एयरबेस सुरक्षा में खामियों के चलते उनके खिलाफ न्यायिक जांच चल रही है, लेकिन उन्होंने अपनी सर्विस और ये जांच पूरी होने से पहले ही रिटायरमेंट ले लिया है।





  • बेस की सुरक्षा खामियों के चलते लिया ‘प्री-मेच्योर रिटायरमेंट’

इंडियन एयरफोर्स (Indian Airforce) सूत्रों के अनुसार धामुन ने अपनी सर्विस से प्री-मेच्योर रिटायरमेंट ले लिया है। माना जा रहा है कि पिछले साल 2 जनवरी को हुए पाकिस्तानी आतंकियों के हमले में एयरबेस की अग्रिम सुरक्षा में बड़ी खामियां उजागर होने की चल रही जांच के कारण उन्होंने जल्दी रिटायर होने का फैसला लिया है। इससे पहले उन्हें बर्खास्त कर देने की खबर भी आई थी लेकिन IAF ने इस दावे को ख़ारिज किया है।

  • कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के कई चरण बाकी

वायुसेना सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (COI) को अभी कई चरणों से गुजरना बाकी है। तभी वह अपनी सिफारिशें देगी और उसके आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। जांच की ये प्रक्रिया अभी भी जारी है। वहीं एक अन्य सूत्र के अनुसार, धामुन ने प्री-मेच्योर रिटायरमेंट कई महीने पहले ही ले लिया था।

  • हमले के कुछ समय बाद ही हुआ ट्रांसफर

धामुन ने पठानकोट एयरबेस का चार्ज जुलाई, 2014 में लिया था। लेकिन आतंकी हमला होने के बाद दो महीने से भी कम समय में उनका ट्रांसफर दिल्ली कर दिया गया। पठानकोट आतंकी हमले को ध्यान में रखते हुए अब वायुसेना कुछ चुनिंदा अफसरों को पंजाब में भटिंडा के एयरबेस और गुजरात के नालिया एयरबेस में ऐसे हमलों से निपटने के लिए कड़ा प्रशिक्षण दे रही है।

उल्लेखनीय है कि ले. जनरल फिलिप कॉमपोज की अध्यक्षता वाली कमेटी ने एयरबेस की सुरक्षा की समीक्षा की थी। कमेटी ने एयरबेस की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की सिफारिशें की थीं। कॉमपोज कमेटी ने अपनी रिपोर्ट इस साल मई के महीने में ही रक्षा मंत्रालय को सौंप दी थी।

  • हमले से पहले देखा गया था जासूसी ड्रोन

सूत्रों के मुताबिक एयर कमोडोर धामुन के खिलाफ जो समीक्षा रक्षा मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत की गई है, उसमें सुरक्षा में खामियों की एक सीरीज है, जिसमें एयरबेस के आस-पास हाई अलर्ट रखे जाने के बावजूद जासूसी ड्रोन का दिखना, पठानकोट क्षेत्र में बेस पर आतंकवादी हमले की आशंका के बारे में खुफिया एजेंसियों द्वारा दी गई पूर्व सूचना भी शामिल है। इस हमले में आतंकी एयर बेस के ‘टेक्निकल एरिया’ को नुकसान नहीं पहुंचा पाए थे। जहाँ फाइटर्स मिसाइल यूनिट और रडार स्थित थे।

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