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भोपाल में मिग-21 लोकार्पित, सुखोई-71 की भी स्थापना होगी

मिग-21

भोपाल। भारतीय वायु सेना के गौरवशाली इतिहास से यहाँ के लोगों को रूबरू होने का मौका मिला। यातायात पार्क में लड़ाकू विमान ‘मिग-21’ का नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह ने लोकार्पण किया। वर्ष 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाने वाले इस लड़ाकू विमान का प्रतीकात्मक रूप नगर निगम तथा भारतीय वायुसेना के सहयोग से स्थापित किया गया है।





मिग-21

भोपाल के यातायात पार्क में लड़ाकू विमान ‘मिग-21’ का लोकार्पण किया गया।

सुखोई-71 की भी स्थापना का आश्वासन

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कल शाम यातायात पार्क में लड़ाकू युद्धपोत ‘मिग-21’ के प्रतीक के लोकार्पण में भारतीय वायुसेना के एयर कमांडर-इन-चीफ एस.बी.पी. सिन्हा से भोपाल में ‘सुखोई -71’ की भी स्थापना का आग्रह किया। सिन्हा ने तुरंत इसकी सहमति दी। माया सिंह ने सिन्हा से ये भी अनुरोध किया कि वे भोपाल स्थित शौर्य स्मारक को जरूर देखें और वायु सेना के दृष्टिकोण से इसमें और क्या सुधार किया जा सकता है, इस संबंध में मार्गदर्शन दें।
माया सिंह ने कहा कि लड़ाकू विमान ‘मिग-21’ की स्थापना युवाओं को वायुसेना की शौर्य-गाथा का स्मरण करवाने में अहम भूमिका निभायेगी।

एयर कमांडर इन चीफ एस.बी.पी.वी सिन्हा ने भारतीय मध्य वायु कमान तथा ‘मिग-21’ की जानकारी देते हुए बताया कि मध्य वायु सेना का मुख्यालय इलाहाबाद में स्थित है। मध्य वायु सेना कई कठिन परिस्थिति में नागरिकों की मदद से जुड़ा है। सुपर सोनिक जेट लड़ाकू विमान ‘मिग-21’ रूस के मिकोयान गुरेविच ने डिजाइन किया था। सिन्हा ने कहा कि भारतीय वायुसेना युवाओं के लिए अच्छे अवसर प्रदान करता है। वायुसेना में लड़कियां भी शामिल हो रही हैं। अब एनसीसी प्रमाण-पत्र धारक लड़कियाँ सीधे वायु सेना में ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

मिकोयान गुरेविच MiG-21

यह सुपरसोनिक/इंटरसेप्टर एयरक्राफ्ट है। इसका डिजायन मिकोयान गुरेविच डिजायन ब्यूरो द्वारा डिजायन किया गया था। इसकी सर्वाधिक गति 2175 किमी प्रति घंटा है। इसकी लम्बाई 13 मीटर है। इसके पंखों का फैलाव 7.15 मीटर है। इसमें टर्बो जेट इंजन लगा होता है। चेंगडू J-7 इसका वैरिएंट है। कभी इसका इस्तेमाल पूर्व सोवियत एयरफोर्स करती थी और अब रशियन एयरफोर्स और भारतीय वायुसेना कर रही है।

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