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सुखोई-30MKi उड़ाने को तैयार IAF की पहली महिला फाइटर पायलट

भारतीय वायुसेना

नई दिल्ली। भारतीय एयरफोर्स की पहली महिला लड़ाकू पायलट जल्द ही भारतीय वायुसेना का सुपरसोनिक विमान सुखोई-30MKi (SU-30) उड़ाएंगी। ये फाइटर पायलट इसी वर्ष अपना प्रशिक्षण पूरा कर लेंगी और सितंबर में इन्हें नियुक्त किया जाएगा। ये तीनों महिला पायलट फिलहाल पश्चिम बंगाल के कलइकुंडा में स्थित एयरफोर्स प्रशिक्षण केंद्र में ब्रिटिश हॉक्स एडवांस जेट ट्रेनर्स द्वारा उड़ान सम्बन्धी प्रशिक्षण ले रही हैं। भावना चतुर्वेदी, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी को पिछले वर्ष जून में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन मिला था।





IAF

IAF की पहली महिला फाइटर पायलट बनने के बाद भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी ने एयर चीफ मार्शल (रिटायर्ड)अर्जन सिंह से उस समय के एयर चीफ मार्शल’ अरुप राहा के साथ मुलाक़ात की (File Photo)

40 ट्रेनी फ्लाइंग ऑफिसर के साथ ले रही हैं ट्रेनिंग

एयरफोर्स के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ”हमारे पास हालांकि कई विकल्प हैं, लेकिन हम शुरुआत में SU-30 लड़ाकू विमान महिला फाइटर पायलटों को उड़ाने के लिए सौंपने की योजना पर काम कर रहे हैं। यह नई पीढ़ी का एक ट्विन सीटर एयरक्राफ्ट है। ये महिलाएं कलइकुंडा वायुसेना स्टेशन में हॉक्स पर 40 उड़ान अधिकारियों के प्रशिक्षण बैच का हिस्सा हैं। बैच को जून में फाइटर स्क्वाड्रनों को सौंपा जाना था, लेकिन प्रशिक्षण बैकलॉग और मौसम से संबंधित मुद्दों के चलते इसमें तीन माह की देरी हुई है।

महिला फाइटर पायलट

महिला फाइटर पायलटों को पुरुष फाइटर पायलटों की तरह ही ट्रेनिंग दी जा रही है (File Photo)

महिलाओं को संभालना सीखना होगा SU-30 का सिस्टम : अरुप राहा

पूर्व एयर चीफ मार्शल अरुप राहा (सेवानिवृत्त), जिनके कार्यकाल के दौरान फाइटर स्ट्रीम को महिलाओं के लिए शुरू किया गया था, उन्होंने महिलाओं को SU-30 लड़ाकू जेट विमानों से उड़ान भरने की इस योजना का समर्थन करते हुए कहा, “मैं चाहूंगा कि महिलाएं SU-30 स्क्वाड्रन में जाएं। यह भारतीय वायुसेना के बेड़े में सबसे आधुनिक और लड़ाकू विमानों में से एक है और हमारे पास बड़ी संख्या में जेट हैं। यह एक अग्रणी विमान है और महिलाओं को इसके सिस्टम को तेजी से संभालना सीखना होगा।’ राहा 31 दिसंबर 2016 को रिटायर होने से पहले तीन साल के लिए भारतीय वायुसेना के अध्यक्ष रहे थे।

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अपनी ट्रेनिंग के दौरान IAF की पहली महिला फाइटर पायलट (File Photo)

वायुसेना के बेड़े में फिलहाल 272 सुखोई

भारतीय वायुसेना ने 272 सुखोई (SU-30 MKi) लड़ाकू विमानों को अनुबंधित किया है, जिनमें से लगभग 240 भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो चुके हैं। शेष विमान अगले तीन वर्षों में शामिल होने की संभावना है। वहीँ,
महिला लड़ाकू पायलटों को एक साथ तैनात किया जा सकता है, क्योंकि भारतीय वायुसेना में अभी केवल उनकी संख्या तीन ही है। प्रारंभिक चरणों में ज्यादा दबाव हो सकता है लेकिन उनका एक साथ रहना बेहतर है, क्योंकि वे एक दूसरे से काफी चीजें सीख सकेंगी।

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लड़ाकू विमान Sukhoi-30MKi के लिए इन महिला फाइटर पायलट्स को तैयार किया जा रहा है (File Photo)

नियुक्ति के चार साल बाद ही मां बनने की दी गई है सलाह

भारतीय वायुसेना के सूत्रों के मुताबिक महिलाओं के प्रशिक्षण के दौरान उनके प्रदर्शन की तुलना पुरुष सहयोगियों के साथ भी हुई है जिसमें वे खरी उतर रही हैं। हालांकि, इन तीन महिलाओं के बाद से किसी भी महिला ने फाइटर स्ट्रीम का विकल्प नहीं चुना है। भारतीय वायुसेना ने महिला प्रशिक्षुओं को लड़ाकू पायलटों के रूप में नियुक्त करने के चार साल बाद ही मां बनने की सलाह दी है, ताकि उनका उड़ान शेड्यूल बाधित न हो।

महिला फाइटर पायलट

IAF की पहली महिला फाइटर पायलट मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी (File Photo)

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