Air Force

रणक्षेत्र में जांबाजी से हेलिकाप्टर उड़ाने वाली गुंजन सक्सेना की कहानी

गुंजन सक्सेना

नई दिल्ली: करगिल संघर्ष के दौरान 1999 में तब एक और इतिहास रचा गया जब भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) ने ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ किया। 26 मई 1999 को शुरू हुए इसी आपरेशन के बाद करगिल में काबिज पाकिस्तानी घुसपैठियों की कमर टूटनी शुरू हुई थी। दुश्मन पर हमले करने से भी ज्यादा मुश्किल और जोखिम भरा काम करने का यहां इतिहास रचा महिला फ्लाइंग लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना ने।





गुंजन सक्सेना ऐसी पहली महिला पायलट हैं जिसने जंग के दौरान रणक्षेत्रों में उड़ान भरी। मिसाइल, राकेट लांचर और जहां तोप के गोले दागे जा रहे थे वहां गुंजन हेलिकाप्टर उड़ा रही थीं। गुंजन ने दर्जनों उड़ाने भरीं ताकि भारतीय सैनिकों को रणक्षेत्र में उतारा जा सके और दुश्मन के हमले में घायल हुए अपने साथियों को वहां से सुरक्षित निकाला जा सके। यही नहीं सैनिकों को जरूरी सामान पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उन्होंने बखूबी निभाई।

गुंजन उन 25 महिला पायलटों में से एक थीं जिन्हें 1994 में प्रशिक्षण के लिए भारतीय वायुसेना में चुना गया था। गुंजन को इस कार्य के लिए शौर्य वीर अवार्ड से सम्मानित किया गया था। बिना दुश्मन से सीधे संघर्ष किए भी अत्यन्त बहादुरी, हिम्मत, और जांबाजी के जज्बे से ओतप्रोत ऐसा सम्मान पाने वाली वे पहली महिला अधिकारी भी हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज की छात्रा रही गुंजन के खून में फौजी जज्बा कूट कूटकर भरा है। पिता और भाई की तरह उन्होंने भी सेना को बतौर कैरियर चुना। लेकिन करगिल की उड़ान बेहद खौफनाक और तनाव भरी थी।
गुंजन छोटे से चीता हेलिकाप्टर को अकेले उड़ा रही थी। लेकिन उनका हेलिकाप्टर ऐसी आशा बनकर पहुंचता था जो घायल सैनिकों और जरूरतमंद साथियों के लिए संजीवनी से कम न हो। एक चुनौती और भी थी। और वो थी हेलिकाप्टर में ऐसा कुछ इंतजाम नहीं था कि दुश्मन से पाला पड़ने पर उसे उड़ान के दौरान जवाब भी दिया जा सके। हां, गुंजन के पास इन्सास राइफल और रिवाल्वर जरूर था।

एक बार तो गुंजन का हेलिकाप्टर दुश्मन के राकेट हमले से बाल बाल बचा जब वह करगिल हवाई पट्टी से उड़ान भरने ही वाली थीं। ये राकेट हेलिकाप्टर के ठीक पीछे सबसे नजदीक पहाड़ी पर जाकर फटा था। गुंजन ने बाद में बागडोगरा एयरफोर्स स्टेशन से वीआरएस ले लिया था। उस समय वह स्क्वाड्रन लीडर थीं। उनके पति विंग कमांडर गौतम नारायण इस समय 141SSS के कमांडिंग आफिसर हैं।

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