Air Force

फाइटर जेट्स की कमी की तुलना ये किससे कर दी

बीएस-धनुआ

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है। एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ ने इस कमी की तुलना सात लोगों की टीम के साथ क्रिकेट खेलने से की है।





अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘आतंकी हमला होने की स्थिति में भारतीय वायुसेना पाकिस्तान से लोहा लेने को तैयार है, सरकार को इसे भी एक विकल्प के रूप में देखना चाहिए।’

धनोआ ने कहा, ‘एयरफोर्स का इस्तेमाल खतरनाक आतंकी गतिविधियों के खिलाफ किया जा सकता है। सरकार को इस विकल्प पर विचार करना होगा। वायुसेना किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है।’

भारतीय-फाइटर -प्लेन

एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा- वायुसेना में फाइटर प्लेन्स की कमी (फाइल फोटो)

उन्होंने कहा, वायुसेना माओवादियों के खिलाफ भी लड़ने में सक्षम है। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वायुसेना अपनी ही धरती पर हवाई हमले नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी भूमिका थलसेना को सर्विलांस और इंटेलिजेंस इनपुट देने तक सीमित है…जहां तक आतंकी खतरों का सवाल है हम अपने क्षेत्र में हवाई हमले नहीं करेंगे। लेकिन हम तैयार हैं और जब भी सरकार हमें ऐसा करने को कहेगी हम करेंगे।’

पिछले महीने वायुसेना को लिखे एक व्यक्तिगत पत्र में धनोआ ने उन्हें किसी भी इमरजेंसी के लिए तैयार रहने और शॉर्ट नोटिस पर ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए तैयार रहने को कहा था।

धनोआ का बयान सेना प्रमुख बिपिन रावत के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि सुरक्षाबलों को ढाई मोर्चे पर युद्ध के लिए तैयार रहना होगा। ढाई मोर्चे से उनका मतलब पाकिस्तान, चीन और आंतरिक हालात से था।

Comments

Most Popular

To Top