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F-15 लड़ाकू विमान उड़ाने वाला प्रिंस बना अमेरिका में राजदूत

सऊदी अरब के राजा के बेटे प्रिंस खालेद बिन सलमान को अमेरिका का नया राजदूत नामित किया गया है। वह प्रिंस अब्दुल्लाह बिन फैसल की जगह लेंगे जिन्हें राजदूत पद से हटा दिया गया है। 1945 के बाद से प्रिंस खालेद अमेरिका में सऊदी अरब के 10वें राजदूत हैं। प्रिंस खालेद एफ-15 विमान के पायलट रहे हैं। मिसिसिपी के कोलंबस एयरफोर्स बेस से ग्रेजुएट प्रिंस खालेद ने 2014 में एयरफोर्स पायलट के रूप में आईएसआईएस से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन की सेना में भागीदारी की थी। दूसरी तरफ किंग सलमान ने सेना के लेफ्टिनेंट जनरल ईद-अल-शाल्वी को पद से हटा दिया है। फहद बिन टर्की को पदोन्नति देकर उनकी जगह नियुक्त किया गया है।





प्रिंस खालेद की नियुक्ति पर सऊदी प्रेस एजेंसी ने 2014 में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस रहे किंग सलमान को कोट करते हुए कहा, “मेरे पायलट बेटों ने अपने धर्म, अपनी मातृभूमि और अपने राजा के प्रति अपना दायित्व पूरा किया।”

प्रिंस खालेद के बारे में

प्रिंस खालेद बिन सलमान

एयरफोर्स पायलट के रूप में प्रिंस खालेद बिन सलमान

प्रिंस खालेद ने किंग फैसल एयर अकादमी से एयरो साइंस में बेचलर डिग्री ली है। उन्होंने अमेरिका में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई जारी रखी और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में सीनियर एक्जीक्यूटिव का सर्टिफिकेट हासिल किया। खालेद ने पेरिस में Advance Electronic Warfare की पढ़ाई भी की।

किंग फैसल अकादमी से ग्रेजुएशन करके प्रिंस खालेद ने रॉयल सऊदी एयरफोर्स ज्वाइन की। उन्होंने मिसिसिपी में कोलंबस एयरफोर्स बेस में टेक्सन-6 और टी-38 के पायलट के रूप में अपना करियर शुरू किया इसके बाद उन्होंने F-15-S उड़ाना शुरू कर दिया। उन्हें सऊदी अरब के धहरान स्थित किंग अब्दुल अजीज एयरबेस में टेक्टिकल इंटेलीजेंस आफीसर भी नियुक्त कर दिया गया।

खालेद के पास लड़ाकू विमान के पायलट के रूप में एक हजार घंटे की उड़ान भरने का अनुभव है। उन्होंने गठबंधन सेना के साथ ISIS के खिलाफ युद्ध में भाग लेने के अलावा यमन के विरुद्ध लड़ाई में भी हिस्सा लिया।

सऊदी एयरफोर्स में सेवा के दौरान प्रिंस खालेद को कई अवार्ड भी मिले जिसमें ऑपरेशन साउथ शील्ड मेडल, द बैटलफील्ड मेडल, द वर्कमैनशिप मेडल और अब्दुल्लाह स्वॉर्ड एक्सरसाइज मेडल शामिल है।

प्रिंस खालेद ने सऊदी अरब और अमेरिका में अमेरिकी सेना के साथ कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया है। हालांकि, पीठ में चोट ने उन्हें उड़ान भरने से रोक दिया।

पोस्ट-मिलिट्री करियर

इसी के साथ सैनिक के रूप में उनके करियर पर विराम लग गया और इसके बाद उन्हें रक्षा मंत्रालय में अधिकारी नियुक्त किया गया। बाद में सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ नागरिक सलाहकार बन गए। 2016 के उत्तरार्ध में वह संयुक्त राज्य अमेरिका चले गए और सऊदी अरब के दूतावास के सलाहकार बने।

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