Air Force

वायुसेना के जांबाजों को मिला आधुनिक सुखोई-30 विमान

सुखोई-30

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की जांबाज टीम ‘वालियंट्स’ के बेड़े में सोमवार को सुखोई-30 विमान को शामिल कर लिया गया। ‘वालियंट्स’ ने लंबे समय तक मिग-23 विमान से उड़ान भरी थी, पर अब सुखोई-30 विमान से लैस हैं जो आधुनिक लड़ाकू विमान है और हर मौसम में काम कर सकता है। यह कई तरह के हवाई युद्ध और ग्राउंड अटैक के मिशन के लिए सक्षम है।





पंजाब के हलवाड़ा स्थित बेस पर सोमवार को पहला सुखोई-30 विमान वालियंट्स को दिया गया। सूत्रों ने बताया कि इससे पहले सिरसा बेस को भी यह विमान मिल चुका है। तीसरे बेस के नाम की घोषणा भी जल्द होने की उम्मीद है। भारत ने सुखोई-30 विमानों की सप्लाई के लिए रूस के साथ करार कर रखा है। कुल 272 विमानों की डिलीवरी होनी है, जिनमें 240 मिल चुके हैं। बाकी के 32 अगले तीन साल में मिल जाएंगे। हाल में भारत ने इन विमानों के साथ ब्रह्मोस मिसाइल की टेस्ट फ्लाइट की थी।

14 फरवरी 1963 को बैरकपुर में जब वालियंट्स का गठन हुआ, तभी यह स्क्वॉड्रन वैम्पायर्स, स्पिटफायर, हरिकेन और एसयू-7 जैसे शानदार विमानों से लैस किया गया। स्क्वॉड्रन ने अपनी 25 साल की लंबी यात्रा के दौरान कई ठिकानों को बदला। पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों के जवाब में वालियंट्स ने 1981 में अपने बेड़े में मिग-23 शामिल किए थे। करगिल युद्ध के दौरान दुश्मन पर हथियार चलाने वालों में सबसे पहले वालियंट्स थे।

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