Air Force

पोकरण के रेगिस्तान में भारतीय वायुसेना का वायुसैनिक अभ्यास

वायुशक्ति- 2019

नई दिल्ली। तीन साल बाद भारतीय वायुसेना अपनी रक्षात्मक और आक्रामक ताकत का प्रदर्शन कर रही है। राजस्थान के पोकरण रेगिस्तान के इलाके हर तीन साल पर होने वाले वायुसैनिक अभ्यास ‘वायुशक्ति- 2019’ के दौरान भारतीय वायुसेना अपने 138 लड़ाकू, टोही और परिवहन विमानों के बेड़े  की समन्वित तैनाती करती हैं।





वायुशक्ति अभ्यास में भारतीय वायुसेना के चुनिंदा अग्रणी लड़ाकू विमान सुखोई- 30 एमकेआई, मिराज- 2000, मिग- 21 बाइसन, लाइट कम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस, मिग- 27 , जगुआर विमान उतारे जाएंगे। चूंकि भविष्य का कोई भी युद्ध सधन सूचना माहौल में लड़ा जाएगा इसलिये नेटसेंट्रिक माहौल में अपने लड़ाकू विमानों के टोही विमानों के साथ तालमेल कर दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले की रणनीति को परखा जाएगा।

अभ्यास के दौरान देश में ही बनी आकाश मिसाइल प्रणाली की क्षमता भी परखी जाएगी। यह मिसाइल जमीन से आसमान में 25 किलोमीटर दूर तक किसी हमलावर विमान को नष्ट कर सकती है। इसके अलावा देश में ही विकसित तेजस लड़ाकू विमानों की क्षमता भी अभ्यास के दौरान परखी जाएगी।

वाय़ुशक्ति अभ्यास 1953 से ही दिल्ली के निकट तिलपत रेंज पर आयोजित होता रहा है लेकिन साल 1989 से इसे जैसलमेर के निकट पोकरण के इलाके में ले जाया गया। पिछला वायुशक्ति अभ्यास 2016 में हुआ था।

वायुशक्ति अभ्यास प्रदर्शन के दौरान वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ और भारतीय क्रिकेट के लीजेंड सचिन तेंदुलकर भी मौजूद थे।

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