Air Force

B’day मनाने के 24 घंटे बाद आखिरी उड़ान पर निकल गया वो!

सुखोई-30 MKi

पिता पीवी सहदेवन ने शायद ये कभी नहीं सोचा होगा कि वे अपने बेटे को आखिरी बार जन्मदिन विश कर रहे हैं और उससे आखिरी बार बात कर रहे हैं। 23 मई को असम के तेजपुर से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हुए सुखोई-30MKi लड़ाकू विमान के एक पायलट 26 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेव एस. के पिता ने बेटे के जन्मदिन पर उससे आखिरी बार फोन पर बात की थी।





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एक दिन पहले ही किया था ‘बर्थडे’ विश

अचुदेव के पिता के मुताबिक ’22 मई को अचुदेव का 26वां जन्मदिन था। मैंने 22 मई को सुबह सुबह उसे फोन किया और उसे जन्मदिन की मुबारकवाद दी। वह अपनी फ्लाइट के लिए तैयार हो रहा था तो उस वक्त उससे ज्यादा बात न हो सकी। मैंने उससे शाम को फोन करने के लिए कहा लेकिन उसका कोई फोन नहीं आया। फोन नहीं आने पर मैंने उसे फोन किया लेकिन फ्लाइंग रेंज में होने के कारण बात नहीं हो सकी, तो मैंने सोचा कि सुबह फोन कर लूंगा, लेकिन सुबह होने पर भी ये सोचकर उसे फोन नहीं किया कि वह फ्लाइट की तैयारियों में व्यस्त होगा। उस दिन पता चला कि फाइटर जेट गायब है।’

फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेव एस.

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जनवरी में माता-पिता के साथ बिताया था समय

अचुदेव के पिता पीवी सहदेवन इसरो के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक हैं। अचुदेव का परिवार मूलत: केरल के कोझिकोड का रहने वाला है। सहदेवन के अनुसार, मैं आखिरी बार उससे तब मिला था जब वह किसी आधिकारिक काम से बहुत कम समय के लिए त्रिवेंद्रम आया था। इससे पहले वह जनवरी में घर आया था और कुछ दिन हमारे पास बिताए थे।

परिवारों की मौजूदगी में किया गया दोनों पायलटों का अंतिम संस्कार

आपको बता दें कि विमान के दूसरे पायलट चंडीगढ़ निवासी स्क्वाड्रन लीडर दिवेश पंकज थे। ये दोनों ही पायलट विमान हादसे में मारे गए। ये हादसा इतना भयानक था कि दोनों पायलट खुद को इजेक्ट भी नहीं कर पाए। दोनों ही पायलटों के शवों को असम के जंगलों से बरामद किया गया।

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