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गमज़दा मां का ‘वो’ इकलौता जवान बेटा…जिसे घसीट कर ले गए दहशतगर्द !

मां-जमीला

श्रीनगर। सेना के 22 वर्षीय लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की मां जमीला ने आखिरी बार अपने बेटे को जिंदा तब देखा जब तीन आतंकी मंगलवार रात को उसे एक शादी से घसीट कर ले गए। लेफ्टिनेंट उमर का शव बुधवार सुबह एक दूसरे गांव से मिला था। मां जमीला शोपियां के बटपूरा मातिरबग गांव में अपने भाई के घर अपनी भतीजी की शादी में गई हुई थी। उमर भी शादी में शामिल होने के लिए अनंतनाग से आए थे।





‘…उसने कहा वो अफसर बनना चाहता है’

उमर के पिता फैयाज अहमद पारे अपने घर के एक कमरे में पड़ोसियों से घिरे चुपचाप गमगीन थे। फैयाज अहमद कहते हैं, मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि मेरा बेटा नहीं है, मैं किसान हूं, अनपढ़ हूं। वह मेरा अकेला बेटा था। उसने कहा वो अफसर बनना चाहता है तो मैंने कहा ठीक है। पिता फैयाज कहते हैं, मुझे नहीं पता था कि इसकी कीमत उसकी जान है।’

उमर-फैयाज

लेफ्टिनेंट उमर फैयाज (फाइल फोटो)

उमर अपने मामा मोहम्मद मकबूल की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए आए थे। मकबूल कहते हैं, ‘उमर अनंतनाग में रुका था जहां उसका चचेरा भाई किराए के मकान में रहता था। वो घर नहीं गया। अनंतनाग से सीधे हमारे घर आया। सब कुछ सही था। फेरान पहने तीन लोग घर में घुसे तो वो दुल्हन के पास बैठा था। उस वक्त रात के करीब 8 बजे थे। वह लोग उसके बारे में पूछते हुए सीढ़ियों से ऊपर गए थे। उसे पहचानते ही उन्होंने उसे पकड़ लिया।’ मकबूल कहते हैं, हमने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन वो उसे खींच ले गए। घर के बाहर और सड़क पर भी उनके बहुत से साथी खड़े थे।’

बुधवार सुबह जब शोपियां के हरमैन गांव के बस स्टैंड पर उमर का शव मिला तो गांववाले उसे अस्पताल ले गए। वहां का डॉक्टर उसे पहचानता था। उमर के चाचा मोहम्मद अशरफ कहते हैं, हमें फोन कॉल से खबर मिली। हमें यकीन नहीं हुआ।’ अशरफ कहते है कि सरगुना गांव में अब तक केवल एक नौजवान मोहम्मद अय्यूब पारे उग्रवाद की राह पर चला गया था। वो 1990 के दशक में एलओसी पर मारा गया था।

पुलिस को नहीं मिली थी अपहरण की सूचना 

कुलगाम के सीनियर एसपी श्रीधर पटेल ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली थी कि लेफ्टिनेंट उमर का अपहरण कर लिया गया है। एसएसपी पटेल के मुताबिक, पुलिस को उमर का शव मिलने के बाद पता चला। लेफ्टिनेंट उमर का उनके पिता और परिवार के दो अन्य सदस्यों की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

फैयाज की मौत पर बोलीं मुख्यमंत्री  

सीएम-महबूबा-मुफ्ती

मुख्ममंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीरियों को दी नसीहत

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने लेफ्टिनेंट फैयाज की हत्या की कड़ी निंदा की और कहा, एक तरफ कश्मीर का हल चाहते हैं और दूसरी तरफ जब कोई गरीब परिवेश से निकल कर कुछ बनते हैं तो मार डाले जाते हैं।’

आतंकवादियों ने लेफ्टिनेंट उमर फैयाज का अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। सेना के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज कश्मीर के कुलगाम के ही रहने वाले थे। जून 1994 में जन्मे फैयाज जम्मू के अखनूर में दूसरी बटालियन, राजपूताना राइफल्स में तैनात थे। फैयाज ने 2015 में NDA से पास होने के बाद इंडियन मिलिट्री एकेडमी ज्वाइन किया था जहां 10 दिसंबर 2016 में सेना में उनकी कमीशनिंग हुई थी। 8 जून को वह 23 साल के होने वाले थे।

गृह सचिव महर्षि रहेंगे घाटी के दौरे पर

केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि

केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि आज जम्मू कश्मीर दौरे पर। महबूबा मुफ्ती से मिले।

केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि आज जम्मू कश्मीर दौरे पर रहेंगे। राजीव महर्षि गुरुवार को घाटी की ताजा हालत पर समीक्षा करेंगे। बुधवार को जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों ने सेना के एक लेफ्टिनेंट उमर फैयाज का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी थी। इसके अगले दिन ही गृह सचिव का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महर्षि राज्य की मौजूदा स्थिति पर चर्चा कर सकते हैं। उनके शीर्ष नागरिक, पुलिस और सेना के अधिकारियों के साथ सुरक्षा संबंधी बैठक भी करने की उम्मीद है।

उल्लेखनीय है कि घाटी के ताजा हालत को लेकर गृह मंत्रालय लगातार चिंतित हैं। पिछले 3 माह से हालत अस्थिर बने हुए हैं और सरकार लगातार वहां हालत सामान्य करने का प्रयास कर रही है।

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