DEFENCE

सेना के 68 फीसदी हथियार और सैन्य उपकरण पुराने

नई दिल्ली। शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने रक्षा मामलों की संसद की स्थायी समिति से डिफेंस बजट को लेकर फंड की कमी पर चिंता जताई है। टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक भारतीय सशस्त्र बलों में अत्याधुनिक हथियारों और पुराने उपकरणों के बीच असंतुलन से सैन्य अधिकारी चिंतित हैं। किसी भी आधुनिक सेना के पास हथियारों और उपकरणों में 30 फीसदी स्टेट आफ द आर्ट टेक्नॉलॉजी, 40 फीसदी करंट टेक्नॉलॉजी और 30 फीसदी विंटेज कैटिगरी के होने चाहिए लेकिन भारतीय सेना के पास 8 फीसदी स्टेट ऑफ द आर्ट, 24 फीसदी करंट और 68 फीसदी विंटेज कैटिगरी के हथियार हैं।





रक्षा मामलों की संसदीय समिति को सेना के उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद ने कहा, 2018-19 के बजट ने हमारी उम्मीदों को धराशायी कर दिया है।

बजट में सेना के आधुनिकीकरण के लिए 21,388 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि सेना की पहले से चल रही 125 योजनाओं के लिए 29,033 करोड़ रुपये की जरूरत है। खबरों में बताया गया है कि सेना ने मेक इन इंडिया पॉलिसी के लिए 25 परियोजनाओं की पहचान की गई है लेकिन उसे सपोर्ट करने के लिए सेना के पर्याप्त बजट ही नहीं है।

रक्षक न्यूज की राय:

संसद की स्थाई समिति की यह रिपोर्ट इस बात का गंभीर खुलासा है कि भारतीय सेना के पास 68 फीसदी हथियार पुराने हैं। ऐसे में जब चीन और पाकिस्तान जैसे अहम मोर्चों तथा आंतरिक हालात में हमें सशक्त व आधुनिक सैन्य उपकरण चाहिए मामला और पेचीदा हो जाता है। सरकार को इस मसले पर तत्काल काम करने की जरूरत है।

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