DEFENCE

सशस्त्र पुलिस बल में सुसाइड रोकने को उठाए गए ये कदम

सेना ने जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर घुसपैठक की कोशिश नाकाम करते हुए 3 घुसपैठियों को मार गिराया है।

नई दिल्ली: केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने आज राज्यसभा को बताया कि जम्मू-कश्मीर में विगत तीन साल के दौरान केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल के 37 जवानों ने आत्महत्या की है।





सांसद शमशेर सिंह मन्हास के एक प्रश्न के उत्तर में रिजिजू ने बताया कि इन आत्महत्याओं के पीछे सामान्यत: वैवाहिक अनबन, व्यक्तिगत शत्रुता, मानसिक बीमारी, अवसाद जैसी व्यक्तिगत और घरेलू समस्याओं व कार्य संबंधी कारण सामने आए हैं। फोर्स में आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम भी उठाए गए हैं।

सरकार ने उठाए ये कदम

  • उनकी निजी और मनौवैज्ञानिक समस्याओं को दूर करने के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की गई हैं, विशेषज्ञों के साथ संवाद कराया गया है और साथ ही तनाव से निबटने के लिए ध्यान एवं योग की क्लासेज का आयोजन किया गया है।
  • कमांडरों, अफसरों और टुकड़ियों के बीच औपचारिक एवं अनौपचारिक दोनों तरह से नियमित संवाद कराया जाता है ताकि उनकी समस्याओं का पता लगाकर उनका समाधान किया जा सके।
  • टुकड़ियों के लिए नियमित आधार पर तनाव प्रबंधन कैप्सूल पाठ्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि उन्हें बताया जा सके कि तनाव पर कैसे काबू पाएं।
  • घरेलू मामलों और सामाजिक प्रतिबद्धताओं में शामिल होने के लिए छुट्टी दी जाती है।
  • कार्य के घंटों को विनियमित करके उनके लिए पर्याप्त आराम एवं राहत सुनिश्चित करना।
  • पर्याप्त मनोरंजन, खेलकूद, संचार की सुविधाएं प्रदान करके टुकड़ियों और उनके परिवारों के लिए बुनियादी सुविधाओं का प्रावधान करके उनकी जीवन दशा को बेहतर किया जा रहा है।
  • केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं असम राइफल्स कार्मिकों के लिए स्थानांतरण एवं अवकाश संबंधी पारदर्शी नीतियां।

Comments

Most Popular

To Top