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पूर्व सैनिकों के धरने के 1300 दिन, आंदोलन और तेज करने की दी चेतावनी

OROP के 1300वां दिन

नई दिल्ली। भारतीय सेनाओं से जुड़े पूर्व फौजियों का जंतर-मंतर पर चल रहा शांतिपूर्ण व अनुशासित धरना आज 1,300वें दिन में प्रवेश कर गया। दिल्ली और एनसीआर के गांव-देहात से आए तमाम सैनिकों ने अक्रोशित मन से मौजूदा केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और चेतावनी दी।





इंडियन एक्स सर्विसमैन मूवमेंट के अध्यक्ष मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने आज ठंड व प्रतिकूल मौसम के बीच जमीन पर बैठे फौजियों से अनुशासित लहजे में कहा कि हम जंतर-मंतर समेत पूरे देश में सैनिकों के सम्मान, अधिकार और प्रतिष्ठा की लड़ाई लड़ रहे हैं। केंद्र सरकार अगर हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही तो हम पूरे देश में आंदोलन को और तेज करेंगे।

रिटायर्ड सतबीर सिंह

उन्होंने कहा कि पुलिस हमें जंतर-मंतर पर विधिवत ढंग से धरनास्थल मुहैया नहीं करवा रही। इस बाबत हम सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को याचिका दायर करने जा रहे हैं।

आज के धरने में थलसेना, वायुसेना और नौसेना के पूर्व अधिकारी शामिल हुए। इसमें पूर्व जनरल, मेजर, लेफ्टिनेंट, एयर कमाडोर, विंग कमांडर, सूबेदार व सैनिक सभी थे। और सभी ने एक स्वर में वन रैंक, वन पेंशन की आवाज उठाई।

जंतर-मंतर के धरने में लगातार शिरकत कर रहे तथा सेना में दो बार वीर चक्र सम्मान प्राप्त विंग कमांडर विनोद नेब्ब ने कहा कि हमारी मांगों को केंद्र सरकार को मानना ही होगा। लड़ाई हक और उसूल की है। विंग कमांडर नेब्ब अपने पराक्रम और बहादुरी से 65 और 71 की लड़ाई में दुश्मन के छक्के छुड़ा चुके हैं।

सैन्य अधिकारी की पत्नी और शहीदों की विधवाओं के लिए विशेष रूप से समर्पित सुदेश ने कहा कि देश के दूर-दराज के जिलों से आने वाले सैनिकों को यहां ढंग से धरना नहीं देने दिया जा रहा। लिहाजा हमें सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा मजबूरी में खटखटाना पड़ रहा है। अगर आज हमें केंद्र सरकार ‘वन रैंक, वन पेंशन’ दे दे तो हम भला यहां क्यों धरना-प्रदर्शन करेंगे।

गौरतलब है कि पूर्व सैनिकों का जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन 15 जून, 2015 को शुरू हुआ था। कड़ाके की ठंड, तपती गर्मी, तेज बारिश की परवाह किए बगैर विभिन्न आयु वर्ग के ये रिटायर्ड फौजी रोजाना दोपहर 1-3 बजे के बीच मिलते हैं और अपनी बात रखते हैं।

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