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पूर्वी हिंद महासागर में 11 चीनी युद्धपोतों का बेड़ा, जवाब में भारत ने भी उतारे 8 युद्धपोत

चीनी युद्धपोत

शंघाई। चीन ने पूर्वी हिंद महासागर में इस महीने 11 युद्धपोतों की तैनाती की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी वेबसाइट के हवाले से ये खबर दी है। इस दौरान इंडियन नेवी और चीनी नौसेना के बीच की दूरी काफी कम रह गई थी। यह हालात ऐसे वक्त में सामने आई है जब मालदीव राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है और वहां आपातकाल घोषित है। सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत ने अपने 8 युद्धक जहाज हिंद महासागर में भेजे हैं जो चीनी गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे। मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्लाह यामीन चीन समर्थक हैं, जबकि पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भारत से राष्ट्र में राजनीतिक संकट के समाधान के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई थी।





चीनी मीडिया के अनुसार, विध्वंसक पोतों का एक बेड़ा और एक फ्रिजेट, 30,000 टन की एंफिबियंस ट्रांसपोर्ट डक और तीन टैंक हिंद महासागर में पहुंच गए हैं। हालांकि उसने इस तैनाती को मालदीव संकट से नहीं जोड़ा है और न ही इसका कारण बताया है। खबरों में यह भी नहीं बताया कि बेड़े की तैनाती कब हुई और यह कब तक यहां रहेगी।

sina.com.cn पोर्टल ने रविवार बताया कि यदि युद्धपोतों और अन्य साजो-सामान पर नजर डालें तो जहां इनकी तैनाती की गई है, उस जगह से भारतीय और चीनी नौसेना के बीच कम फासला रह गया था। चीनी सेना (पीएलए) शुक्रवार को ट्विटर जैसे सरकारी सोशल मीडिया विबो में तैनाती की जानकारी और पूर्वी हिंद महासागर में बचाव प्रशिक्षण अभ्यास के फोटो पोस्ट भी किए।

मालदीव के प्रभाव के मद्देनजर भारत और चीन के बीच प्रतिद्वंद्विता पुरानी हैं। राष्ट्रपति यामीन ने चीन के साथ बेल्ट एंड रोड परियोजना के लिए समझौता कर चीन के प्रभाव में बढ़ोत्तरी के संकेत दिए हैं। भारत का मालदीव के साथ लंबा राजनीतिक और सुरक्षा संबंध रहा है। भारत मालदीव में चीन की मौजूदगी का विरोध करता है। चीन बेल्ट एंड रोड पहल को लेकर एशिया और अफ्रीका के देशों के साथ समझौतों में जुटा है।

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