Army

आज ही के दिन बनी थी सेना की यह खास रेजिमेंट’ जानें गोरखा सैनिकों से जुड़ी 10 खास बातें

‘अगर कोई व्यक्ति कहता है कि वह मरने से नहीं डरता, तो या तो वह झूठ बोल रहा है, या फिर वह एक गोरखा है’,…यह बात भारतीय सेना के प्रथम फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ अक्सर कहा करते थे। सैम मानेक शॉ की इस कहावत से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितने निडर होते होंगे गोरखा सैनिक। 24 अप्रैल 1815 को ब्रिटिशों द्वारा इस रेजिमेंट की नींव रखी गई थी। इंडियन आर्मी की गोरखा रेजिमेंट के बारे में माना जाता है कि ये सेना की सबसे जांबाज इकाई है। गोरखा सैनिक किसी भी समय कैसे भी हालात से लड़ने को तैयार रहते हैं। आज हम बता रहे हैं गोरखा रेजिमेंट से जुड़े कुछ ऐसे ही तथ्य जिनके बारे में आप शायद नहीं जानते होंगे :





प्रथम विश्व युद्ध में लड़े थे दो लाख गोरखा सैनिक

ब्रिटिश साम्राज्य की ओर से प्रथम विश्वयुद्ध में नेपाल के दो लाख गोरखा सैनिकों ने भी हिस्सा लिया था। यह दक्षिण एशिया से बाहर उनका पहला युद्ध था लेकिन उनकी बहादुरी के किस्से आज भी सुनने को मिल जाते हैं। पहले विश्व युद्ध के दौरान गोरखा रेजिमेंट्स के तकरीबन 20,000 गोरखा सैनिक मारे गए थे।

Comments

Most Popular

To Top