Air Force

ये हैं दुनिया के 10 सबसे तेज एयरक्राफ्ट..

राइट बंधुओं के प्रयासों से बना हवाई जहाज अब पूरी तरह आधुनिकतम इंजीनियरिंग से लैस वायुयान उद्योग की शक्ल ले चुका है।





इनकी गति ध्वनि से भी आगे निकल चुकी है और सैन्य डिजाइनों से सुसज्जित ये एयरक्राफ्ट बखूबी सैन्य कामों में उपयोग में लाए जा रहे हैं। आपदाओं के वक्त ये राहत पहुंचाने का काम करते हैं तो दुश्मन से चुनौती मिलने पर दूसरे देशों और क्षेत्रों में बम तक गिरा रहे हैं। आज हम आपको दुनिया के ऐसे एयरक्राफ्ट के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने आवाज की गति को भी मात दे दी।

नॉर्थ अमेरिकन एक्स-15

दुनिया में कुछ ऐसे एयरक्राफ्ट हैं जिन्हें स्पेसक्राफ्ट का दर्जा दिया जा सकता है। 6.72 Mach या लगभग 4,520 मील प्रति घंटे की टॉप स्पीड के साथ इस हाइड्रोसोनिक एयरक्राफ्ट को निश्चित रूप से दुनिया का सबसे तेज एयरक्राफ्ट माना जा सकता है। एक्स-15 में शुरू में दो रॉकेट इंजनों का उपयोग किया गया, जबकि बाद की उड़ानों में सिंगल एक्सएलआर 99 रॉकेट का उपयोग किया गया जिसमें इथाइल अल्कोहल तथा लिक्विड नाइट्रोजन का इस्तेमाल किया गया।

लॉकहीड एसआर -71 ब्लैक बर्ड

लॉकहीड एसआर -71 ब्लैक बर्ड अमेरिका के तहत ऑपरेट करने वाला एक रिकॉगनैंस (सर्वेक्षण) वायुयान है। इसका डिजाइन राडार क्रॉस सेक्शन को कम करने के लिए बनाया गया है। यह केवल छोटे बैच में उड़ सकता है, आज तक इस मॉडल के केवल 32 एयरक्राफ्ट का ही उपयोग किया गया है। 1966 में सेवा से निवृत्त इस वायुयान को इसकी 3प्लस Mach स्पीड के कारण सबसे तेज वायुयानों में एक माना जाता है।

लॉकहीड वाईएफ-12

लॉकहीड वाईएफ-12 एक इंटरसेप्टर है जिसका डिजाइन अमेरिकी वायुसेना के लिए तैयार किया गया। इसका कभी भी बड़ी संख्या में निर्माण नहीं हुआ, इसके केवल 3 लॉकहीड वाईएफ-12 मॉडल बनाये गए हैं। प्रत्येक की लागत 15 से 18 मिलियन डॉलर है। यह एयरक्राफ्ट 74,000 फीट की ऊंचाई पर 3.2 Mach की गति पकड़ सकता है।

माइकोयान मिग -25

फॉक्सबैट के नाम से मशहूर यह अब तक बनाए गए सबसे तेज सैन्य वायुयानों में से एक है। यह सोवियत संघ की उत्कृष्ट एयरक्राफ्ट टेक्नोलॉजी का एक बड़ा उदाहरण है जिसमें स्टेनलेस स्टील डिजायन का उपयोग किया गया है। इसमें बड़ी मात्रा में आग्नेयास्त्र ढोए जा सकते हैं, शक्तिशाली राडार से लेकर मिसाइल तक हर चीज मिग-25 की खासियतों में शामिल है। इसकी टॉप स्पीड 2.85 Mach है।

बेल एक्स-2 स्टारबस्टर

बेल एक्स-2 का छोटा नाम स्टारबस्टर भी है और यह एक रिसर्च एयरक्राफ्ट है। यह बेहद तेज गति का वायुयान है जिसका निर्माण 1945 में हुआ था। इसमें रॉकेट इंजन लगा हुआ था जिसका उद्देश्य सामान्य एयरोडायनामिक हीटिंग समस्याओं पर रिसर्च करना था जो तेज गति वाली उड़ानों के दौरान सामने आ सकती हैं। इसका निर्माण तापमान प्रतिरोधी सामग्रियों एवं टेक्नोलॉजी से हुआ है और संख्या में केवल दो ही हैं।

XB-70 Valkyrie

XB-70 Valkyrie में छह इंजन हैं और ये ध्वनि की तुलना में तीन गुना अधिक गति के साथ 240,000 किग्रा के वजन के इस वायुयान को ढोते हैं। इसकी वजह से वायुयान के आसपास के क्षेत्र भी गर्म हो जाते हैं। इसका डिजाइन परमाणु विस्फोट से बचने के लिहाज से बनाया गया है। यह संख्या में केवल दो ही है और अब प्रचलन में नहीं है।

माइकोयान मिग-31

Foxhound के नाम से भी मशहूर माइकोयान मिग-31 का निर्माण सोवियत संघ ने किया था पर अब भी रूस की सरकार इसका भरपूर उपयोग कर रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अपने शक्तिशाली ट्विन इंजन के कारण यह सुपरसोनिक गति से ऊपरी और निचली दोनों ही सतहों पर उड़ सकता है। इसकी कुल यूनिट्स की संख्या 500 से भी अधिक है तथा इसके 2031 तक वजूद में बने रहने की संभावना है।

मैकडोनेल डगलस एफ-15 ईगल

अब बोईंग बन चुका यह ट्विन इंजन कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मैकडोनेल डगलस द्वारा डिजाइन किया गया और सभी मौसमों एवं हालातों के लिए उपयुक्त है। एफ-15 ईगल को इजरायल, जापान, अमेरिका, सऊदी अरब जैसे कई देशों ने, खासकर, हवाई मुकाबले में इसकी कलाबाजियों के गुण के कारण अपना पसंदीदा एयरक्राफ्ट बनाया है। इसकी गति ध्वनि से ढाई गुना अधिक है और यह सर्वाधिक फाइटर एयरक्राफ्ट माना जाता है।

जनरल डायनामिक्स एफ-111

जनरल डायनामिक्स एफ-111 का उपयोग अलग-अलग परिस्थितियों में अलग-अलग कामों जैसे interdictor के रूप में, एक फाइटर बॉम्बर के रूप में तथा एक स्ट्रैटजिक बॉम्बर के रूप में किया जा चुका है। सुपरसोनिक स्पीड तक पहुंचने की क्षमता रखने वाला एफ-111 वर्ष 1960 में अमेरिका में बना जिसे आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन इंजनों एवं स्वीप इंजनों समेत कई नई टेक्नोलॉजी को शुरु करने के लिए जाना जाता है। 1990 के दशक में यह एयरक्राफ्ट रिटायर हो गया। अपनी शुरुआत के बद से अमेरिकी एयरफोर्स एवं रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयरफोर्स के लिए एफ-111  की 563 यूनिट बनाई जा चुकी है। यह 2.5 mach की स्पीड पकड़ सकता है।

सुखोई सु -27

Sukhoi Su-27 एक रूसी हवाई जहाज है जिसकी तुलना अमेरिकी एफ-15 से की जा सकती है। सुखोई सु -27 का मुख्य काम लंबी रेंज का एयर डिफेंस है जिसका उपयोग दूसरे वायुयानों को एस्कॉर्ट करने के लिए किया जाता है। इससे मिलता-जुलती दूसरा डिजाइन भी तैयार किया गया है जो किसी भी मौसम में उड़ान भर सकता है।

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