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महिला जासूस जिससे हिटलर की सेना भी खाती थी खौफ

दुनिया का पहला जासूस कौन था, इस बारे में यकीनी तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन यह तय है कि सदियों पहले चाणक्य ने गुप्तचरी को नए आयाम दिए। इतिहास के पन्ने पलटने पर पता चलता है कि चन्द्रगुप्त मौर्य के साम्राज्य के विस्तार में चाणक्य के नौ तरह के जासूसों की बड़ी भूमिका थी। चाणक्य द्वारा नियुक्त जासूसों में लेखक, अध्यापक, जादूगर, चोर, विद्यार्थी से लेकर मंदबुद्धि आदमी तक थे। जानकर हैरानी होती है कि उस दौर में उनके जासूसों में महिलाएं भी होती थीं। आज हम आपको दुनिया की कुछ नामी महिला जासूसों से मिलवा रहे हैं-





महिला जासूस माता हारी:

जासूस माता हारी

महिला जासूसों में सबसे पहला नाम आता है माता हारी का (फाइल फोटो)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

महिला जासूसों में सबसे पहला नाम आता है माता हारी का। 1876 में नीदरलैंड में जन्मी माता हारी का असली नाम मार्गरेट जेले था। वह बेहतरीन डांसर थी। वर्ष 1903 में वह पेरिस पहुंची। अपने डांस और अदाओं के बल पर उसने सेना और प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से नजदीकियां बना लीं। पहले विश्व युद्ध के दौरान वह एक पक्ष की जानकारी दूसरे पक्ष को देने लगी। वर्ष 1917 में उसे जर्मन सेना के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन पर डबल एजेंट होने के आरोप भी लगे। माता हारी ने हालांकि आरोप स्वीकार नहीं किए लेकिन उन्हें मौत की नींद सुला दिया गया।

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