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दिव्यांग बच्चों वाले सेनाकर्मियों की कठिनाइयां होंगी दूर

भारतीय जवान एवं दिव्यांग बच्चे

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने हाल के अपने आदेश में दिव्यांग बच्चों वाले कर्मियों को विवाहित आवास सुविधा प्राथमिकता आधार पर आवंटन के लिए शक्तियां विकेन्द्रित करने का निर्णय लिया है। सशस्त्र सेना कर्मियों को दिव्यांग बच्चों के आधार पर प्रारंभ में तीन वर्षों की अवधि के लिए आवासीय सुविधा आवंटित करने और सुविधा बहाल रखने की अनुमति देने की शक्ति जीओसी सब एरिया स्तर पर स्थानीय सैनिक अधिकारी को दी गई है। यह सुविधा समान अधिकारी द्वारा आगे दो वर्ष के लिए बढ़ाई जा सकती है। शक्तियों का यह विकेन्द्रीकरण सेना के तीनों अंगों के लिए किया गया है। कमान अस्पताल (सीएच) के मामले में ऐसी प्राथमिकता आधार पर आवंटन करने की शक्ति कमान अस्पताल के कमांडेंट को प्राप्त होगी।





इस कदम से दिव्यांग बच्चों वाले सशक्त सेना कर्मियों की कठिनाइयां दूर होंगी, क्योंकि उन्हें अल्पावधि की सूचना पर विभिन्न स्थानों पर जाना पड़ता है।

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