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हजारों पैरा मिलिट्री परिवारों ने की राजघाट पर भूख हड़ताल, राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन

पैरामिलिट्री और पूर्व पैरामिलिट्री का विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली। अर्धसैनिक बलों के कर्मचारियों के हजारों परिवारों ने अपनी मांगों को लेकर राजघाट पर भूख हड़ताल की। बाद में राष्ट्रपति भवन तक चलकर अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया।





मांगों को लेकर यह प्रदर्शन कंफेडरेशन ऑफ एक्स पैरा मिलिट्री फोर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन ने किया। इस संगठन की प्रमुख मांगें हैं-सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वन रैंक वन पेंशन लागू की जाए, मिलिट्री सर्विस-पे की तर्ज पर अर्धसैनिक बल के जवानों को भी पैरा मिलिट्री सर्विस-पे दी जाए, हर राज्य में केन्द्रीय अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड की स्थापना हो, शहीद के आश्रित परिवार को एक करोड़ रुपये तथा परिवार के पुनर्वास की व्यवस्था, AFMC (पुणे) की तर्ज पर हर राज्य में मेडिकल कॉलेज, अर्धसैनिक स्कूल, इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जाने का प्रस्ताव संसद में लाया जाए।

ज्ञापन के लिए राष्ट्रपति भवन जाते हुए

 

एसोसिएशन के महासचिव रणवीर सिंह बताते हैं कि अगर सरकार ने हमारी मांगे 90 दिन के भीतर नहीं मानीं तो 5 जुलाई, 2018 को संसद मार्ग पर हजारों की तादाद में अर्धसैनिक परिवार दोबारा प्रदर्शन करेंगे।

गौरतलब है कि एसोसिएशन में CRPF, BSF, ITBP, CISF, SSB, ASSAM RIFLES के तकरीबन 20 लाख अर्धसैनिक परिवार (12 लाख कार्यरत तथा 8 लाख सेवा निवृत्त) शामिल हैं। सशस्त्र बलों के ये जवान हिमालय की बर्फीली पहाड़ियों, तपते रेगिस्तान, नक्सली इलाकों के खतरनाक जंगलों में साहस और मुस्तैदी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं अथवा दे चुके हैं।

पैरामिलिट्री और पूर्व पैरामिलिट्री का विरोध प्रदर्शन

एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष वीएस कदम के मुताबिक अर्धसैनिक बलों में ड्यूटी की अधिकता, वेतन भत्तों में कमी के कारण रोष, बेचैनी और असंतोष बढ़ रहा है। जिससे जवान आत्महत्याएं तक कर रहे हैं। हम अपनी मांगों को लेकर पिछले कई वर्षों से दिल्ली के जंतर-मंतर, राजघाट, और देश के कई हिस्सों में शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। यह पहला प्रदर्शन था जिसमें देश के दूर-दराज के इलाकों से आए पैरा मिलिट्री के परिवारों ने हिस्सा लिया।

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