Featured

सीआरपीएफ के ड्राइवर की जुबानी, खौफनाक मंजर की पूरी कहानी

ड्राइवर विशाल जी पवार

श्रीनगर। एक जून को श्रीनगर के नोहट्टा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वाहन पर जिस तरह हिंसक भीड़ की ओर से पथराव किया जा रहा था, वो बेहद डरावना था। उस समय सीआरपीएफ की जिप्सी के अंदर बैठे सीआरपीएफ जवानों  और अफसर पर क्या बीत रहा होगा यह असानी से समझा जा सकता है। हिंसक विरोध के बीच एक युवक सीआरपीएफ जिप्सी के नीचे आकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया और अगले दिन अस्पताल में उसकी मौत हो गई।





CRPF की जिप्सी में उस वक्त एक ऑफिसर और ड्राइवर समेत 4 जवान थे। इन्होंने ने एक पत्रिका को दिए गए इंटरव्यू में उस खौफनाक मंजर से रूबरू कराते हुए बताया कि उस दिन कुछ भी हो सकता था, जब हम वहां से गुजर रहे थे तो भीड़ इतनी हिंसक-उग्र और खतरनाक  हो चुकी थी कि उसके हाथ जो मिल रहा था पत्थर, साइकिल या कुछ और वह वाहन पर वार कर रही थी। उन्हें वाहन से बाहर निकालने की भी प्रयास किया जा रहा था। इतना सब कुछ होते हुए भी जवानों ने संयम बनाए रखा और आत्मरक्षा के लिए फायरिंग का सहारा नहीं लिया।

उपद्रवियों का जवानों की गाड़ी पर हमला

साक्षात्कार में सीआरपीएफ जिप्सी के ड्राइवर विशाल जी पवार का कहना है कि जैसा तस्वीरों में दिखा, हालात उससे कहीं ज्यादा खराब थे। तीन साल पहले सीआरपीएफ ज्वाइन करने वाले पवार ने कहा कि भीड़ इतनी थी कि वाहन का खिसकना मुश्किल हो रहा था। उग्र भीड़ चारों ओर से वाहन को हिंसक रूप से हिला रही थी। पथराव इतना जोरदार हो रहा था कि मुझे कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था। सामने कुछ नजर नहीं आ रहा था, मुझे उस वक्त अहसास भी नहीं हुआ कि वाहन के नीचे कोई आ गया है।

पवार ने बताया कि भीड़ की तरफ से वाहन पर ना सिर्फ पत्थर बल्कि साइकिलें तक फेंकी जा रही थीं। वाहन के बोनेट पर भी कई लोग चढ़कर कूद रहे थे। यहीं नहीं वाहन का दरवाजा खोलने का प्रयास भी कर रहे थे। पवार के मुताबिक उन्होंने और जीप पर सवार उनके साथियों ने बाद में उस दिन का वीडियो देखा। हिंसक भीड़ गाड़ी में आग भी लगा सकती थी। उन्होंने कहा- ‘वो मेरी जिंदगी का सबसे खराब दिन था।’

CRPF के वाहन में उस दिन सेकंड इन कमांड ऑफिसर एसएस यादव ड्राइवर के साथ वाली सीट पर ही बैठे हुए थे। 54 साल के यादव को सर्विस में 30 साल हो चुके हैं। उनकी कश्मीर में तीन बार पोस्टिंग हो चुकी है। अधिकारी यादव ने बताया कि जब हम एमआर गंज से लौट रहे थे तो ख्वाजा बाजार के पास भीड़ से घिर गए। वाहन को दूसरी लेन से नोहट्टा जाने के लिए मोड़ा तो भीड़ हिंसक हो उठी। हर तरफ से वाहन पर पथराव होने लगे।

यादव के मुताबिक उन्होंने ड्यूटी पर पहले भी ऐसी स्थितियों का सामना किया था लेकिन उस दिन जैसा पथराव पहले कभी नहीं देखा।

सीआरपीएफ ड्राइवर पर FIR दर्ज किए जाने के बारे में जम्मू और कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि मैं इस मामले पर नहीं बोलना चाहता लेकिन मौत हुई है इसलिए FIR दर्ज की गई है।

 

 

Comments

Most Popular

To Top