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मां से मिलने जा रहे CID अफसर इम्तियाज अहमद मीर की घाटी में हत्या

सब इंस्पेक्टर इम्तियाज अहमद मीर

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस के सब इंस्पेक्टर इम्तियाज अहमद मीर अपने माता-पिता से मिलने को इतने बेताब थे कि उन्होंने अपना वेश-भूषा भी बदल ली थी। इम्तियाज ने आतंकियों को चकमा देने के इरादे से अपनी दाढ़ी भी कटवा ली थी। लेकिन आतंकियों ने फिर भी उन्हें पहचान लिया और गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना पुलवामा के वाहीबाग इलाके की है।





बताया जा रहा है कि इम्तियाज के ऊपर आतंकी हमले के इनपुट पुलिस के पास थे लेकिन इम्तियाज ने इसे नजरअंदाज कर दिया। संवेदनशील माने जाने वाले पुलवामा के वाहीबाग इलाके में घात लगाकर बैठे आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाते हुए इम्तियाज मीर को छलनी कर दिया।

CID अफसर इम्तियाज मीर

पुलिस ने उनका शव पुलवामा के वाहीबाग इलाके में उनकी आई- 10 कार से बरामद किया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान कर देनी वाली बात तब सामने आई, जब मीर के शव को उनके गांव लाया गया तो पत्थरबाजों ने वहां भी हमला कर दिया। रिटायर्ड पुलिसकर्मी के बेटे मीर इसी वर्ष मार्च में CID में आए थे। वह साल 2010 बैच के एसआई थे। इससे पहले दक्षिण कश्मीर के गांदरबल में वह पांच साल तक तैनात थे। उप-निरीक्षक इम्तियाज अपने माता-पिता के एकलौते बेटे थे।

मीडिया खबरों में कहा गया है कि उनके विभाग के साथियों ने कहा- मैंने उन्हें बताया कि आतंकी हमला कर सकते हैं इसलिए उन्हें अभी घर नहीं जाना चाहिए पर वह अपने माता-पिता से मिलना ही चाहते थे। उनके माता-पिता पुलवामा के सोंटाबाग में रहते हैं। उनके साथी ने बताया कि फिलहाल पुलिस इस तफ्तीश में जुटी है कि आतंकियों को इसकी भनक कैसे लगी कि मीर घर जाने वाले हैं और उनके वेशभूषा के बारे में आतंकियों को कैसे मालूम चला।

 

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