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स्पेशल रिपोर्टः एस-400 की पहली रेजिमेंट 2020 में और पांचों 2023 तक मिलेंगी

S-400 मिसाइल

नई दिल्ली। दुश्मन की मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट करने की क्षमता रखने वाली एस-400 एंटी मिसाइलों की सप्लाई का पूरा ब्य़ोरा रूस ने सार्वजनिक कर दिया है। एस-400 एंटी मिसाइल बनाने वाली रूसी कम्पनी एल्माज एंती के एक आला अधिकारी ने कहा कि एस-400 की कुल पांच रेजिमेंटें भारत को सप्लाई की जाएंगी जिसमें से पहली रेजिमेंट 2020 के मध्य तक भारतीय सेना को सौंप दी जाएगी।





इस मिसाइल की तैनाती राजधानी दिल्ली सहित भारत के बडे महानगरों की सुरक्षा के लिये होगी। इस मिसाइल के तैनात होने के बाद दुश्मन की कोई भी बैलिस्टिक मिसाइल या लड़ाकू विमान भारत की नभसीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

एस-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस मिसाइल की पांचवीं और अंतिम रेजिमेंट 2023 के मध्य तक भारत भेज दी जाएगी। गौरतलब है कि रूस से पांच एस-400 मिसाइल खरीदने का सौदा  गत पांच अक्टूबर को भारत में सम्पन्न किया गया था।

हर रेजिमेंट में एक रेजिमेंटल कमांड सेंटर और मिसाइल लांच करने वाली दो बटालियन होती हैं। हर बटालियन में आठ लांचर होते हैं।

रूसी समाचार एजेंसी तास ने एक सैन्य राजनयिक सूत्र के हवाले से यह जानकारी दी है। सूत्र के मुताबिक रूस भारत को इन पांचों रेजिमेंटों की सप्लाई वादे के अनुरुप तय वक्त पर कर देगा। ये सभी मिसाइलें दो साल छह महीने के भीतर सप्लाई हो जाएंगी।

एस-400 का दूसरा सेट 2021 के मध्य तक भेज दिया जाएगा। इसके बाद घोषित वक्त के अनुरुप तीसरा, चौथा औऱ पांचवां सेट सप्लाई हो जाएगा।

रूसी शस्त्र निर्यात कम्पनी रोजोबोरोनएकस्पोर्ट के साथ पांच मिसाइलों की सप्लाई के लिये 5.43 अरब डॉलर का सौदा हुआ था। रूसी सैन्य तकनीकी विभाग के निदेशक दिमित्री शुगाएव ने चीन में चल रही एक रक्षा प्रदर्शनी के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह साफ किया कि भारत को एस-400 मिसाइलों की सप्लाई में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। गौरतलब है कि अमेरिका ने भारत को धमकी दी थी कि रूस से कोई भी हथियार खरीदा तो भारत को कई तरह के प्रतिबंधों का सामना करना होगा। अमेरिका ने रूस पर यह प्रतिबंध अपने कैटसा कानून के तहत लगाया है। अमेरिकी प्रशासन ने आज तक साफ तौर पर यह नहीं कहा है कि कैटसा कानून से भारत को छूट दी जा रही है।

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