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Special Report: राफेल की कम्पनी दासो एविएशन ने शुरू किया भारत में उत्पादन

दसॉल्ट राफेल
फाइल फोटो

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के लिये 59 हजार करोड़ रुपये के राफेल लड़ाकू विमान सौदे के तहत आफसेट शर्तों को पूरा करने के लिये दासो एविएशन ने नागपुर के मिहान में रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ जो संयुक्त उद्मम दासो-रिलायंस एरोस्पेस लि. की स्थापना की थी उसने उत्पादन शुरू कर फ्रांस को निर्यात शुरू करने की पहल कर दी है।





दासो एविय़न के चेयरमैन औऱ चीफ एक्जीक्युटिव ऑफिसर एरिक टैपियर ने इस बारे में कहा कि भारत के साथ साझेदारी की कम्पनी की योजनाओं को वह पूरी तरह कामयाब बनाना चाहते हैं।

दासो रिलायंस एरोस्पेश लि. (DRAL) ने नागपुर के मिहान कारखाने में फाल्कन- 2000 विमानों के कुछ हिस्से बनाने का ऐलान किया था। इस विमान के पहला कॉकपिट फ्रंट सेक्शन का उत्पादन होने लगा और इसकी पहली खेप का निर्यात भी किया जाने वाला है। इस तरह दासो एविएशन ने आफसेट नियमों के तहत कुल सौदे का आधा हिस्सा भारत से आयात के जरिये हासिल करने का वादा पूरा करना शुरू कर दिया है।

दासो एविएशन ने कहा है कि वह भारत में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत और अधिक निवेश करता रहेगा। यह दर्शाता है कि दासो एविएशन भारत में अत्याधुनिक उत्पादन सुविधा स्थापित करते रहने को प्रतिबद्ध है। वह अंतरराष्ट्रीय वैमानिक मानकों के अनुरूप भारत को अपना उत्पादन आधार बनाने की ओर कदम जारी रखेगा।

दासो रिलायंस एरोस्पेस लि. ( DRAL) की नागपुर में फरवरी, 2017 में स्थापना के बाद दासो ने अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है कि वह भारत में एरोस्पेस निर्णाण का सर्वोच्च स्तर का मानक स्थापित करना चाहता है। अंतरराष्ट्रीय वैमानिकी दुनिया में भी वह भारत को अपनी जगह बनाने को कृतसंकल्प है।

फाल्कन- 2000 का मिहान में निर्मित पहला कॉकपिट बैंगलुरु में एऱोइंडिया रक्षा प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा। दासो एविएशन ने कहा है कि जो कॉकपिट नागपुर में बनाया गया है उससे दासो एविएशन की भारत में और योगदान करने की प्रतिबद्धता झलकती है।

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