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स्पेशल रिपोर्ट: दानांग से शुरू होगा राष्ट्रपति का वियतनाम दौरा

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

नई दिल्ली। हिंद प्रशांत सागरीय इलाके के दो अहम देशों वियतनाम और ऑस्ट्रेलिया का भारतीय राष्ट्रपति का 18 से 24 नवम्बर तक अहम दौरा होगा। इस दौरे से भारत की एक्ट ईस्ट नीति को बढ़ावा मिलेगा। हिंद प्रशांत इलाके के लिये भारत की नई रणनीति को भी आगे बढ़ाने के नजरिये से राष्ट्रपति का दोनों देशों का यह दौरा अहम होगा। राष्ट्रपति का वियतनाम दौरा वहां के दानांग तटीय शहर से शुरु होगा जहां भारतीय पोत अक्सर पड़ाव डालते हैं। दक्षिण चीन सागर के इस इलाके में इस बंदरगाह शहर की भारत के लिये विशेष सामरिक अहमियत है।





इस दौरे की जानकारी देते हुए यहां विदेश मंत्रालय में सचिव ( पूर्व ) विजय ठाकुर सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का यह दौरा एक्ट ईस्ट नीति के तहत हो रहा है। वियतनाम औऱ आस्ट्रेलिया के साथ बढ़ते सम्बन्धों के मद्देनजर राष्ट्रपति का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण होगा। भारत और वियतनाम के बीच समग्र सामरिक साझेदारी का रिश्ता है। दक्षिण पूर्व एशिया के दस देशों के संगठन आसियान के सदस्य के तौर पर वियतनाम भारत और आसियान के बीच रिश्तों का गहरा करने में अहम भूमिका निभाता रहा है। वियतनाम आसियान के लिये तीन साल तक भारत का राष्ट्र समन्वयक रहा है।

राष्ट्रपति का वियतनाम दौरा वहां के दानांग बंदरगाह से शुरू करने की विशेष अहमियत है। भारतीय नौसैनिक पोत वियतनाम के इस बंदरगाह से कई प्रकार की सुविधाएं हासिल करते हैं। दानांग बंदरगाह दक्षिण चीन सागर में भारत की समर नीति को गहराई देने में अहम भूमिका निभा रहा है। इस बंदरगाह पर भारतीय युद्धपोत अक्सर पड़ाव डालते हैं।

दानांग तटीय शहर से भारत और वियतनाम के दो हजार साल पुराने रिश्ते रहे हैं। वहां बौद्ध प्रतिमाएं हैं और वहां हिन्दू घर्म के प्रतीक मिलते हैं। वह इलाका संयुक्त राष्ट्र का धरोहर घोषित किया गया है।

वियतनाम के लिये किसी भारतीय राष्ट्रपति का तीन दशक बाद दौरा होगा। राष्ट्रपति कोविंद वियतनामी राष्ट्रपति से आपसी महत्व के मसलों के अलावा क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करेंगे। वह वियतनाम की राष्ट्रीय एसेम्बली को भी सम्बोधित करेंगे।

वियतनाम के बाद राष्ट्रपति कोविंद ऑस्ट्रेलिया का 21 से 24 नवम्बर तक दौरा करेंगे। ऑस्ट्रेलिया के लिये किसी भारतीय राष्ट्रपति का पहला दौरा होगा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मारीसन ने सिंगापुर में कहा है कि वह भारतीय राष्ट्रपति के ऑस्ट्रेलिया दौरे की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सामरिक साझेदारी का रिश्ता है और हाल में दोनों देशों के बीच परमाणु सहयोग का एक अहम समझौता हुआ है। भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि आस्ट्रेलिया से यूरेनियम के आयात में अब कोई अड़चन नहीं है। भारत औऱ ऑस्ट्रेलिया के बीच 20 अरब डॉलर का आपसी व्यापार होता है और वहां 70 हजार से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।

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