Featured

स्पेशल रिपोर्ट: पाक चुनाव- सेना बनी अम्पायर, इमरान पिच पर टिके

तहरीक-ए-इन्साफ पार्टी द्वारा लगाए गए पोस्टर

नई दिल्ली। यह तस्वीर है पाकिस्तान की दीवारों पर चिपकाए गए उन पोस्टरों की जो पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर औऱ पाकिस्तान के राजनीतिक दल तहरीक-ए-इन्साफ पार्टी (पीटीआई) के नेता इमरान खान की ओर से लगवाए गए हैं। इस तस्वीर में इमरान खान और उनके कुछ साथी राजनीतिज्ञों के अलावा पाकिस्तान के मौजूदा सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस मियां साकिब निसार दिखाए गए हैं।





इस तस्वीर से यह तो उजागर हो ही जाता है कि किस तरह इमरान खान की पार्टी पीटीआई को पाकिस्तान की सेना प्रमुख का वरदहस्त हासिल है लेकिन इस तस्वीर में यह भी उजागर होता है कि किस तरह पाकिस्तान की न्यायपालिका औऱ सेना की सत्ता इमरान खान को पाकिस्तान के आम चुनावों में जिताने पर तुली है। सबसे रोचक बात यह भी है कि पोस्टर में दिखाई गई तस्वीरों के कोलाज में इमरान खान से बड़ा चेहरा सेना प्रमुख जनरल बाजवा और चीफ जस्टिस निसार खान का  है।

पाकिस्तान के संसदीय चुनावों में राजनीतिक दलों औऱ सेना के बीच सांठगांठ तो हमेशा दिखाई पड़ती ही है लेकिन इस बार इसमें एक तीसरा शक्तिशाली शख्स पाकिस्तान का चीफ जस्टिस जुड़ गया है। इस बार के चुनावों में पाकिस्तान की सेना की सबसे बड़ी पिट्ठु पार्टी के तौर पर इमरान खान की पीटीआई उभऱी है जिसे पाकिस्तान की सेना इस बार सत्ता पर बैठाना चाहती है। लेकिन इसके लिये सेना प्रमुख को पाकिस्तान की न्याय़पालिका के साथ की सख्त जरूरत थी इसलिये सेना और न्यायपालिका ने मिल कर इमरान खान को जिताने की रणनीति को अंजाम देना शुरू किया है जिसके तहत इमरान खान के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता औऱ पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाली बेटी मरियम नवाज को जेल की सजा सुनाई है।

पाकिस्तानी सेना इमरान खान का रास्ता साफ करने के लिये वह हर सम्भव चाल चल रही है जिससे नवाज शरीफ की पार्टी की सत्ता में वापसी को रोका जा सके। पाकिस्तान की सेना नवाज शरीफ को अपना सबसे बड़ा दुश्मन इसलिये मान रही है कि नवाज पाकिस्तान की सत्ता पर नागरिक सरकार का वर्चस्व चाहते हैं। दूसरी ओर इमरान खान ने सेना की चमचागिरी की सारी सीमाएं तोड़ दी हैं औऱ अब वह पाकिस्तानी अवाम को सार्वजनिक पोस्टरों के जरिये यह बताने से भी नहीं शर्म कर रहे कि उन्हें पाकिस्तान की सेना और चीफ जस्टिस का वरदहस्त प्राप्त है।

वैसे तो पाकिस्तान के संसदीय चुनाव में पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के युवा नेता के तौर पर बेनजीर   औऱ जरदारी का बेटा बिलावल भुट्टो भी जीतोड़ कोशिश कर रहे हैं लेकिन  इमरान खान की राजनीतिक चाल के आगे वह टिक नहीं पा रहे। इनके अलावा आतंकवादी संगठऩ लश्कर ए तैयबा के सरगना हाफिज सईद ने भी अपने नुमांइदे चुनाव में खड़े किये हैं लेकिन वह भी कोई बड़ी चुनौती इमरान के लिये पेश नहीं कर रहे। वास्तव में पाकिस्तानी सेना इमरान खान के तौर पर पाकिस्तानी को ऐसा चेहरा देना चाहती है जो आसानी से सेना के इशारों पर चले और दुनिया को लगे कि वह एक लोकप्रिय क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं जिन्हें पाकिस्तानी अवाम चाहती है।

कुल मिलाकर पाकिस्तान के संसदीय चुनाव में पाकिस्तानी सेना ही अम्पायर के तौर पर मैदान में उतरी है औऱ यह सुनिश्चित कर रही है कि बैट्समैन इमरान के सामने कोई तेज-तर्रार बॉलर गेंद नहीं फेंके। जो बॉलर कुछ दम रखते हैं उन्हें मैदान से बाहर कर दिया गया है।

Comments

Most Popular

To Top