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स्पेशल रिपोर्ट: अब भारत और जापान की थलसेनाएं भी करेंगी अभ्यास

जापान के राजदूत केंजी हीरामात्सु

नई दिल्ली। भारत और जापान की थलसेनाओं के बीच कुछ महीनों के भीतर पहली बार साझा अभ्यास आयोजित करने का फैसला किया गया है। जापान के राजदूत केंजी हीरामात्सु ने यहां जापान डिफेंस डे के मौके पर यह जानकारी दी।





उन्होंने कहा कि भारत और जापान के सुरक्षा हित समान और साझा हैं और दोनों देश पिछले कई वर्षों से खासकर सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी साझेदारी को विस्तार देते रहे हैं। राजदूत ने कहा कि प्रति आतंकवाद के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिये ही दोनों देशों की थलसेनाओं के बीच पहली बार साझा अभ्यास होगा।

उल्लेखनीय है कि अब तक दोनों देशों के बीच नौसेना के क्षेत्र में ही परस्पर आदान-प्रदान और सहयोग होता रहा है। दोनों देशों की नौसेनाएं और कोस्ट गार्डों के बीच पिछले कई वर्षों से साझा अभ्यास होता रहा है। दोंनों देशों के बीच मानवरहित जमीनी वाहनों और रोबोटिक्स के क्षेत्र में भविष्य के शोध कार्यक्रमों और परियोजनाओं पर चर्चा होगी।

जापान के राजदूत केंजी हीरामात्सु

यहां जापान के 68 वें रक्षा दिवस के मौके पर जापान के राजदूत केंजी हीरामात्सु ने कहा कि एशिया के आसपास सुरक्षा माहौल काफी बदल गया है जिसके जवाब में जापान ने अपनी सुरक्षा नीति की बड़ी समीक्षा की जिसमें तीन साल पहले सुरक्षा विधेयक पारित करना शामिल है और अब जापान विश्व शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करने में अधिक वैश्विक जिम्मेदारी निभाने को तैयार है।

राजदूत ने कहा कि पिछले साल सितम्बर में प्रधानमंत्री शिंजो एबे के ऐतिहासिक गुजरात दौरे में   प्रधानमंत्री एबे औऱ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जापान की मुक्त व स्वच्छंद हिंद प्रशांत रणनीति औऱ भारत की एक्ट ईस्ट नीति में तालमेल बैठाने पर सहमति दी। दोनों नेता आपस में दविपक्षीय सहयोग को गहरा करने पर सहमत हुए और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मामलों में बेहतर सहयोग औऱ तालमेल बनाने को तैयार हुए।

उन्होंने कहा कि सिंगापुर में शांगरीला डायलाग में प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद प्रशांत के अपने विचार का  ब्योरा दिया जो जापान की हिंद प्रशांत नीति से काफी मेल खा रहा था। मोदी ने यह भी कहा कि भारत जापान रिश्ता पूरी तरह बदल गया है जो कि भारत की एक्ट ईस्ट नीति की धुरि बन चुका है। जमीनी स्तर पर जापान समुद्री आत्मरक्षा बल ने इसी महीने पश्चिमी प्रशांत में जापान-भारत-अमेरिका त्रिपक्षीय मालाबार नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया। इस अभ्यास में तीनों देशों के आधुनिकतम युद्धपोतों  और विमानों ने भाग लिया जिससे तीनों देशों में आपसी समन्वय बनाने में भारी मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह ही भारत और जापान के बीच डिफेंस पालिसी डायलाग और विदेश सचिव स्तर पर ट् प्लस टू डायलाग आयोजित हआ। इसमें मानवीय सहायता,  सैनिक साज सामान और तकनीक,  प्रतिआतंकवाद जैसे मसलों पर विचार हुआ। राजदूत ने बताया कि प्रतिआतंकवाद के क्षेत्र में सहयोग का रिश्ता मजबूत हुआ। इसी क़डी में भारत और जापान की थलसेनाओं के बीच युद्धाभ्यास करने का फैसला दोनों देशों के बीच उच्च स्तर के आपसी भरोसे को दर्शाता है।

इस मौके पर जापान के नये रक्षा अताशे कर्नल केंजी हिशिमा ने डिफेंस अताशे का दायित्व कर्नल तोशियाकी उमेरा से ग्रहण किया। कर्नल तात्सुया तेरानाशी ने एयर अताशे का दायित्व ग्रहण किया।  राजदूत ने भरोसा जाहिर किया कि यह नई टीम भारत-जापान रक्षा सहयोग में और योगदान करेगा।

 

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