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स्पेशल रिपोर्ट: उजबेकिस्तान के सैन्य कर्मियों को भारत में मिलेगी ट्रेनिंग !

उजबेकिस्तान आर्मी

नई दिल्ली। रक्षा सहयोग सहित 17 समझौतों के जरिये सामरिक साझेदारी के रिश्तों को भारत और उजबेकिस्तान और गहरा करेंगे। यहां उजबेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियेव की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आपसी हितों के मसलों पर बातचीत के बाद एक साझा बयान जारी हुआ जिसमें परस्पर लाभजनक आपसी रिश्तों को औऱ गहरा बनाने का संकल्प लिया गया है। दोनों देशों ने अंतरिक्ष औऱ परमाणु ऊर्जा में सहयोग का रिश्ता गहरा करने के बारे में भी चर्चा की।  उजबेकिस्तान के सैन्य कर्मियों को भारत में ट्रेनिंग देने के बारे में भी सहमति हुई।





इस दौरान दोनों देशों के शिखर नेताओं ने राजनीतिक मसलों,  रक्षा व सामरिक विषयों,  प्रति आतंकवाद, व्यापार और निवेश,  अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा,  सूचना तकनीक  और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के मसलों पर विस्तार से बातचीत की। दोनों पक्षों ने कहा है कि भारत और उजबेकिस्तान के बीच मजबूत सम्बन्धों से क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढावा मिलेगा।

शवकत मिर्जेयेव के पहले भारत दौरे का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और  उजबेकिस्तान के बीच मजबूत सम्बन्धों से मध्य एशिायाई देशों के साथ भारत के तालमेल और गहरे होंगे। दोनों देशों ने साझा बयान में कहा है कि मध्य एशियाई देशों के बीच आपसी सहयोग का रिश्ता  गहरा होने से मध्य एशिया का इलाका एक स्थिर औऱ समृद्ध इलाके में तब्दील होगा। इस लक्ष्य के अनुरूप दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिये मिलकर काम करते रहने की प्रतिबद्धता जताई है।

रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को गहरा करने के उपायों का जिक्र करते हुए दोनों देशों ने कहा कि इसका और विस्तार करेंगे। दोनों पक्षों ने सैन्य उद्योग के बीच भी सहयोग का रिश्ता बनाने की बात की। इसके अलावा दोनों देशों की सेनाएं प्रतिआतंकवाद के क्षेत्र में सैन्य ट्रेनिंग अभ्यास करने का फैसला किया है। आपसी लाभ के मसलों पर सहयोग को गहरा करने के लिये दोनों सेनाएं सैन्य शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करेंगी। शिखर बैठक के दौरान उजबेकिस्तान ने सूचित किया कि वह नई दिल्ली में अपने दूतावास में रक्षा कार्यालय भी खोलेगा।

दोनों देशों के बीच आपसी आर्थिक सहयोग के रिश्तों को और गहरा करने के लिये 2020 तक आपसी व्यापार को एक अरब डालर तक बढाने का भी फैसला किया गया है।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों के इन समझौतों का स्वागत किया कि उजबेकिस्तान के अंदीजान इलाका और भारत के गुजरात के अलावा समरकंद और आगरा के बीच भी साझेदारी के रिश्तों की स्थापना होगी।

दोनों देशों ने अंतरिक्ष औऱ परमाणु ऊर्जा में सहयोग का रिश्ता गहरा करने के बारे में भी चर्चा की।   उजबेकिस्तान के सैन्य कर्मियों को भारत में ट्रेनिंग देने के बारे में भी सहमति हुई।

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