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Special Report: मालदीव ने भारत सें मांगी 25 करोड़ डॉलर की मदद

सुषमा स्वराज के साथ मालदीव के मंत्री

नई दिल्ली। मालदीव की नई सरकार के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलेह अपने पहले विदेश दौरे पर सबसे पहले 17 दिसम्बर को भारत आएंगे। उनकी भारत यात्रा की जमीन तैयार करने के लिये मालदीव के विदेश मंत्री के साथ अन्य कैबिनेट मंत्रियों का एक उच्चस्तरीय  दल 24  से 27 नवम्बर तक भारत दौरे पर आया है।





यहां राजनयिक सूत्रों ने कहा कि  मालदीव के विदेश मंत्री ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात के दौरान अपने देश के लिये 25  करोड़ डालर की आर्थिक सहायत की मांग की है। समझा जाता है कि विदेश मंत्री ने इस पर विचार करने का भरोसा मालदीव के मंत्रियों को दिया है। इसका ऐलान मालदीव के राष्ट्रपति के आगामी भारत दौरे में हो सकता है। मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा है कि सत्ताच्युत राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के शासनकाल में मालदीव चीन के कर्जजाल में फंस गया है जिससे उबरने के लिये मालदीव को तुरंत भारी वित्तीय मदद की जरुरत है।

 विदेश  मंत्री शाहिद के साथ मालदीव के वित्त मंत्री फयाज इस्माइल, आर्थिक विकास मंत्री इब्राहिम अमीर ,विदेश राज्य मंत्री अहमद खलील और विदेश सचिव अब्दुल गफूर मोहम्मद साथ आए हैं। यहां  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि विदेश मंत्री शाहिद ने विदेश मंत्री स्वराज के साथ आपसी मसलों पर बातचीत के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मिले और दोनों देशों के बीच आपसी रक्षा सम्बन्धों को फिर पटरी पर लाने के बारे में बात की।

विदेश मंत्री स्वराज ने कहा कि भारत मालदीव के साथ रिश्तों को सर्वाधिक अहमियत देता है। दोनों देशों के आपसी रिश्तों में आपसी विश्वास, पारदर्शिता औऱ परस्पर समझ और एक दूसरे के प्रति संवेदनशीलता पर आधारित है। मालदीव की नई सरकार द्वारा मालदीव को राष्ट्रमंडल में फिर शामिल करने के फैसले का विदेश मंत्री स्वराज  ने स्वागत किया।

 मालदीव के साथ विकास साझेदारी को और मजबूत करने के मसलों पर भारतीय विदेश मंत्री ने चर्चा की। दोनों इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक औऱ सांस्कृतिक रिश्तों के मद्देनजर दोनों देशों के बीच जनतास्तर पर सम्पर्क काफी अहमियत रखता  है इसलिये दोनों देश जल्द से जल्द काउंसेलर वार्ता करने को तैयार हो गए हैं। दोनों देश इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि दोनों देशों के बीच एक पखवाड़े के भीतर रक्षा सहयोग वार्ता आयोजित की जाए। दोनों देश आपसी आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों को भी गहरा करने पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों के संयुक्त आयोग की बैठक भी जल्द करने पर सहमति हुई है। मालदीव के विदेश मंत्री ने भारतीय विदेश मंत्री को मालदीव दौरे का निमंत्रण दिया है जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।

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