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स्पेशल रिपोर्ट: मालदीव और भारत के रक्षा रिश्ते फिर सामान्य

ICG और मालद्वीप कोस्ट गार्ड

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 17 नवम्बर को मालदीव पहुंचने के पहले  भारत ने मालदीव के साथ रक्षा सम्बन्धों में फिर विश्वास बहाल करने वाले एक अहम कदम के तहत मालदीव के कोस्ट गार्ड के एक पोत हुरावी की मरम्मत औऱ रिफिट कर मालदीव को लौटा दिया।  गौरतलब है कि मालदीव में नई सरकार के चुने जाने के बाद भारतीय प्रधानमंत्री मोदी नये राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में  भाग लेने के लिये जाने वाले हैं।





India-&-Maldives

इस पोत की रिफिट का काम विशाखापतनम नौसैनिक गोदी में चल रहा था जिसे एमसीजीएस हुरावी के कमांडर मेजर मोहम्मद जमशेद को 15  नवम्बर को  सौंप दिया गया। इस मौके पर आयोजित एक समारोह के मुख्य अतिथि रियर एडमिरल अमित बोस ने कहा कि  भारत मालदीव के कोस्ट गार्ड को अपना समर्थन जारी रखने को प्रतिबद्ध है। मालदीव के कोस्ट गार्ड कमांडर ने भी इस पोत को वक्त पर सौंपने के लिेय धन्यवाद दिया।  हुरावी पोत को चार महीना पहले 12 जुलाई को विशाखापतनम गोदी पर मरम्मत के लिये लाया गया था।  रिफिट के दौरान  पोत के हल, प्रोपल्सन औऱ अन्य प्रमुख प्रणालियों की मरम्मत की गई। मालदीव को यह पोत सौंपने के पहले  पोत का गहन समुद्री परीक्षण किया गया। पोत पर तैनान सभी उपकरणों की सक्षमता का भी गहन परीक्षण किया गय।

ध्यान रहे कि  हुरावी पोत पहले भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस तिलनछांग  था। इसे कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एवं इंजीनियर्स ने 2001  में बना कर नौसेना को सौंपा था।  मालदीव के साथ सामरिक साझेदारी के रिश्तों को मजबूत करने के लिये भारत ने साल 2006  में मालदीव को यह पौत सौंपा था। इस पोत की वजह से मालदीव को अपने आसपास के समुद्री इलाके में चौकसी का काम मजबूत किया जा सका।

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