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स्पेशल रिपोर्ट: भारत और चीन के सैनिक फिर हाथ में हाथ डालेंगे

भारतीय और चीनी सैनिक

नई दिल्ली। भारत औऱ चीन के बीच सैन्य औऱ कूटनीतिक आदान-प्रदान में तेजी दिखने लगी है। गत अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चीन के वूहान शहर में राष्ट्रपति शिन ची फिंग के साथ अनौपचारिक शिखर बैठक के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य हलचल तेज हो गई है।





पिछले साल डोकलाम इलाके में भारत औऱ चीन के सैनिकों के बीच पैदा तनातनी के बाद सैन्य औऱ कूटनीतिक रिश्तों में भारी तनाव पैदा हो गया था लेकिन अब चीन के साथ सैन्य रिश्तों को साहौर्दपूर्ण बनाने की पहल के तहत दोनों देशों की थलसेनाओं के बीच हाथ में हाथ साझा सैन्य अभ्यासों का सिलसिला फिर बहाल होगा। दोनों देशों के थलसैनिक ‘हैड टू हैंड साझा अभ्यास’ आगामी 10 से 23 दिसम्बर तक चीन के छंगतू शहर में करेंगे।

गौरतलब है कि चीन के विदेश मंत्री वांग ई आगामी 21 दिसम्बर को नई दिल्ली पहुंच रहे हैं जिस दौरान भारत औऱ चीन के बीच जनता स्तर पर सम्पर्क औऱ आदान-प्रदान को गहरा बनाने के लिये कई साझा कार्यक्रम आयोजित किये गए हैं।

लेकिन इससे अलग एक अहम कार्यक्रम चीन के छंगतू शहर में चलेगा जो दोनों देशों के थलसैनिकों के बीच आपसी सौहार्द में और गर्मी लाएगा । इस साझा अभ्यास के बारे में यहां एक सैनिक अधिकारी ने बताया कि इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच नजदीकी रिश्ता विकसित करना है। इस अभ्यास के दौरान टैक्टिकल स्तर के आपरेशन किये जाएंगे जो आतंकवाद विरोधी माहौल में संचालित होगा। इस अभ्यास में भारत की ओर से 11 -सिख लाइट इन्फैन्ट्री के जवान चुने गए है जब कि चीन की ओर से तिब्बती सैन्य जिले के सैनिक शामिल किये गए हैं। थलसैनिक अधिकारियों के मुताबिक इस अभ्यास का इरादा दोनों देशों की सेनाओं के बीच जमीनी स्तर पर आपसी सौहार्द विकसित करना है।

इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक एक साझा कमांड मुख्यालय स्थापित कर साझा तौर पर प्रति आतंकवादी कार्रवाई करेंगे। अभ्यास के पहले दिन एक पारम्परिक परेड का आयोजन होगा और इसे दोनों देशों के सैन्य अधिकारी सम्बोधित करेंगे।

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