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स्पेशल रिपोर्ट: हिंद महासागर में भारत की भूमिका होगी उजागर

हिंद महासागर

नई दिल्ली। भारत की पहल पर स्थापित किये गए इंडियन ओसन नेवल सिम्पोजियम (आईओएनएस) के एक दशक पूरा होने के मौके पर कोच्चि में  13 और  14  नवम्बर को एक यादगार सम्मेलन होगा जिसमें इसके 32  सदस्य देशों के  नौसेना प्रमुख और आला प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस यादगार सम्मेलन के जरिये हिंद महासागर में भारत की अहम भूमिका उजागर होगी।





भारत की इस पहल से हिंद महासागर के तटीय देशों के बीच सुरक्षा मसले पर आपसी तालमेल बढ़ा है और क्षेत्र के देशों के बीच भारत एक प्रमुख सुरक्षा प्रदाता के तौर पर अग्रणी भूमिका निभाने वाला देश बन कर उभर चुका है।

इंडियन ओसन नेवल सिम्पोजियम की स्थापना नई दिल्ली में फरवरी, 2008  को हुई थी। हिंद महासागर के इस तटीय नौसैनिक संगठन के जरिये समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को सभी देश सराहते है।  इस संगठन की अध्यक्षता भारत सम्भाल चुका है और इसके बाद बारी बारी से सदस्य देश इसकी कमान सम्भालते हैं। अब तक संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश और ईरान इसकी अध्यक्षता कर चुके हैं। अध्यक्ष के तौर पर दो साल पर सम्मेलन की मेजबानी करने वाले देशों द्वारा सेमिनार और नौसैनिक मेलजोल के कई कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।

आईओएनएस में अब तक 32  देशों के शामिल होने से  क्षेत्र के तटीय देशों के बीच इसकी बढ़ती अहमियत का पता चलता है। सदस्य देशों के अलावा आठ देश इसके पर्यवेक्षक के तौर पर सम्मेलन में भाग लेते हैं।  इससे सभी तटीय देशों के बीच समुद्री सहयोग की भावना मजबूत होती है। इससे समुद्री मसलों को  लेकर आपसी समझ बेहतर होती है और तटीय नौसैनाओं के बीच सहयोगी प्रक्रिया विकसित करने में मदद मिलती है। इस संस्था के जरिये एक बेहतर समुद्री क्षेत्रीय व्यवस्था कायम करने में मदद मिली है। कोच्चि में  आयोजित होने वाली दसवीं सालगिरह के मौके पर आईओएनएस के 32  सदस्य देशों के  नौसेना प्रमुखों के भाग लने की उम्मीद है।

इस आयोजन के मौके पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगी। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की समुद्री दृष्टि सागर (सिक्युरिटी एंड ग्रोथ फार आल इन द रीजन ) को विचारणीय विषय बनाया गया है। यहां  समुद्र तटीय प़़ड़ोसी देशों के बीच सुरक्षा और स्थिरता में योगदान किया जा सका है। इससे हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की भूमिका नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर की भूमिका उजागर होती है।

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