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स्पेशल रिपोर्टः जिबूती में चीनी नौसैनिक अड्डे के निकट भारतीय पोत

इंडियन और चीनी नेवल ऑफिसर

नई दिल्ली। अफ्रीकी देश जिबूती के तट पर चीन का नौसैनिक अड्डा और उस पर बढ़ते चीनी सामरिक प्रभाव के बीच भारतीय युद्धपोत आईएनएस तेग भी इन दिनों जिबूती हार्बर पर तैनात है। जिबूती के साथ  राजनीतिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए पिछले साल अक्टूबर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी जिबूती का दौरा किया था।





जिबूती की अहम भू राजनीतिक स्थिति की वजह से चीन ने जिबूती के समुद्री तट पर अपना नौसैनिक अड्डा खोला है जबकि अमेरिका का नौसैनिक अड्डा पहले से ही वहां है। होर्न आफ अफ्रीका नाम से ज्ञात इस इलाके में भारतीय नौसेना के पोत भी समुद्री डाकुओं के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और इस नाते जिबूती के साथ भारत का नौसैनिक आदान-प्रदान होता है। जिबूती हिंद महासागर में लाल सागर के प्रवेश द्वार पर स्थित है जो अफ्रीका, पश्चिम एशिया और बाकी एशिया को जोड़ता है।

जिबूती के समुद्री इलाके में भारतीय नौसैनिक पोत तैनात रहते हैं। इसी कड़ी के तहत 16 से 18 जुलाई तक जिबूती हार्बर पर भारतीय नौसैनिक पोत तेग को भेजा गया है। जिबूती पर चीन द्वारा नौसैनिक अड्डा बनाने से भारत के सामरिक हलकों में चिंता पैदा हुई है। इस नौसैनिक अड्डे से चीन हिंद महासागर में अपना दबदबा बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। चीन यहां से समुद्री व्यापार मार्गों पर अपना प्रभुत्व स्थापित कर सकता है और व्यापारिक मार्गों को अवरुद्ध कर सकता है। लेकिन भारत के बारे में भी दावा किया जाता है कि वह हिंद महासागर के इलाके में नेट सुरक्षा प्रदाता है। इस नाते भारत की इस इलाके में अग्रणी सुरक्षा भूमिका मानी जाती है।

भारत की भी कोशिश है कि जिबूती में भारतीय नौसेना को अपने पोत ठहराने की सुविधा मिले। जिबूती ने अपने नौसैनिक अड्डों पर भारत का भी स्वागत किया है लेकिन इस बारे में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। फिलहाल भारत अपने नौसैनिक पोतों को जिबूती के बंदरगाह पर भेजकर संतोष कर रहा है और दूसरे देशों को यह संदेश दे रहा है कि भारत इस इलाके में मौजूद है।

भारत के साथ अपनी सामरिक साझेदारी के अनुरूप सामरिक एकजुटता दिखाते हुए सिंगापुर नौसेना के   कम्बाइंड टास्क फोर्स के कमांडर रियर एडमिरल सा शी थाट ने आईएनएस तेग का दौरा किया और समुद्री डाकुओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की जानकारी आपस में साझा की।

जिबूती में भारतीय राजदूत अनुराग श्रीवास्तव और जिबूती के काउंसेलेट जनरल नलिन कोठारी ने जिबूती हार्बर पर तैनात भारतीय पोत का गत 16 जुलाई को दौरा किया। राजदूत ने इस पोत का भ्रमण किया और अदन की खाड़ी में चल रही इसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। पोत की आपरेशंस टीम ने राजदूत के साथ जिबूती के बढ़ते सामरिक महत्व और इस इलाके में दूसरी नौसेनाओं की बढ़ती रुचि के  बारे में चर्चा की।

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