Featured

Special Report: भारतीय नौसेना को मिला पहला पनडुब्बी बचाव पोत

डीएसआरवी
दुर्घटनाग्रस्त पनडुब्बी को बचाने वाला पोत DSRV

नई दिल्ली। गहरे समुद्र में किसी दुर्घटनाग्रस्त पनडुब्बी को बचाने वाला पोत डीएसआरवी (डीप सी रेस्कयु वेहीकल) को मुम्बई स्थित नौसैनिक गोदी  में नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने   12  दिसम्बर को नौसेना को सौंपा। भारतीय नौसेना ने यह पोत ब्रिटेन के जेम्स फिशर्स एंड संस  से बनवाया है।





इस तरह भारतीय नौसेना दुनिया की चुनिंदा नौसेनाओं में शामिल हो गई है जो पनडुब्बी बचाव वाहन से लैस हो चुकी है। भारतीय नौसेना के पास रूसी, जर्मन और फ्रांसीसी पनडुब्बियों के अलावा परमाणु पनडुब्बियां हैं । ये सब काफी जोखिम भरे समुद्री माहौल में तैनात रहती हैं। इन सबको किसी आपात स्थिति में राहत पहुंचाने और बचाव कार्य के लिये पनडुब्बी बचाव पोत की कई सालों से जरूरत महसूस की जा रही थी।

यहां नौसैनिक अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नौसेना को जो पनडुब्बी बचाव पोत मिला है वह तीसरी पीढ़ी का अडवांस्ड सबमरीन रेस्क्यु पोत है। इस पोत को दुर्घटनाग्रस्त पनडुब्बी के इलाके में विमान से पहुंचाया जा सकता है। यह पोत मुम्बई नौसैनिक अड्डे पर तैनात रहेगा औऱ कहीं भी कुछ घंटे के भीतर तैनात किया जा सकता है। यह पोत  समुद्र की गहराई में 650 मीटर नीचे डूबी पनडुब्बी औऱ इस पर सवार नौसैनिकों को बचाने में काम आएगा। यह पोत एक साथ 14 नौसैनिकों को पनडुब्बी के भीतर से निकाल सकता है। इस पोत का संचालन तीन चालक दल  द्वारा किया जाता है।

Comments

Most Popular

To Top