Featured

Special Report: अगले दशक तक होगा भारत का अपना स्पेस स्टेशन

चंद्रयान मिशन- 2
फोटो सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। चांद और मंगल पर स्वदेशी यान भेजने के बाद भारत अब अंतरिक्ष में एक और महत्वाकांक्षी छलांग लगाने जा रहा है। चंद्रयान-2 नाम का चांद के लिये दूसरा मिशन 15 जुलाई को छोड़ने के ऐलान के साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने कहा है कि सन् 2030 तक वह अंतरिक्ष मे अपना स्टेशन स्थापित करेगा। गौरतलब है कि अंतरिक्ष में अब तक अमेरिका, रूस औऱ चीन ने ही अपने स्टेशन स्थापित किये हैं।





इसरो के अध्यक्ष डॉ. के शिवन ने यहां मीडिया से बातचीत में इस आशय का ऐलान करते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य है कि वह अगले दशक के अंत तक 20 टन वजन का स्पेस स्टेशन स्थापित करे। इस स्टेशन की मदद से माइक्रो ग्रेविटी के प्रयोग के अलावा अन्य अहम प्रयोग किये जाएंगे। आरम्भिक योजना के मुताबिक इस स्टेशन पर 15 से 20 दिनों के लिये भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को ठहरने का इंतजाम होगा।

स्पेश स्टेशन ऐसा अंतरिक्ष यान होता है जिसमें अंतरिक्ष यात्री कुछ दिनों के लिये ठहर सकते हैं औऱ विभिन्न प्रयोग कर सकते हैं। इस स्पेश स्टेशन में पृथ्वी से भेजे गए दूसरे यान जुड़ सकते हैं और वहां से अंतरिक्ष यात्रियों को न केवल वापस ला सकते हैं बल्कि अंतरिक्ष यात्रियों की दूसरी टीम को वहां तैनात कर सकते हैं। यह स्टेशन पृथ्वी की परिक्र्मा करता रहता है।

गौरतलब है कि साल 2021 में अंतरिक्ष में भारत की योजना मानवयुक्त अंतरिक्ष यान भेजने की है। गगनयान नाम के इस अंतरिक्ष मिशन की तैयारी जोरशोर से चल रही है। इसके लिये तीन अंतरिक्ष यात्रियों के चयन की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना को सौंपी गई है। भारतीय वायुसेना ही इन अंतरिक्ष यात्रियों को आरम्भिक ट्रेनिंग देगी। हालांकि इनकी एडवांस ट्रेनिगं किसी दूसरे देश में होगी जिसके बारे में बाद में फैसला किया जाएगा।

इसरो के अक्ष्यक्ष के शिवन ने कहा कि अंतरिक्ष स्टेशन का प्रोजेक्ट गगनयान मिशन का ही विस्तार होगा। शिवन ने कहा कि मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन पूरा होने के बाद हमें गगनयान कार्यक्रम को जारी रखना होगा जिसके लिये हमने अंतरिक्ष में अपना स्टेशन स्थापित करने का फैसला किया है।

बता दें कि गगनयान मिशन के लिये सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये आवंटित किये हैं।

Comments

Most Popular

To Top