Featured

स्पेशल रिपोर्टः हिंद प्रशांत इलाके को खुला रखने में भारत-जापान सहयोग अहम

भारत-जापान वार्ता

नई दिल्ली।  जापान ने कहा है कि पूरे हिंद प्रशांत इलाके को मुक्त और खुला रखने में भारत और जापान के बीच सुरक्षा सहयोग एक अहम स्तम्भ है और इस इरादे से दोनों देश आपसी सुरक्षा सहयोग को विस्तार दे रहे हैं।





यहां अनंत एस्पेन सेंटर द्वारा आयोजित एक बैठक में जापान के राजदूत केंजी हीरामात्सु ने कहा कि  हिंद प्रशांत इलाके में समुद्री आवाजाही को खुला रखने में भारत औऱ जापान के साझा हित हैं। यह पूछे जाने पर कि हाल में जिस तरह जापान और चीन और भारत और चीन के बीच सकारात्मक और   सौहार्दपूर्ण शिखर बैठकें हुई हैं क्या यह तीनों देशों के बीच नजदीकी सहयोग का रिश्ता स्थापित करने की ओर बढ़ेंगी, जापानी राजदूत ने कहा कि यदि एक समावेशी हिंद प्रशांत इलाके में कोई देश शामिल होने को तैयार होता है और मुक्त और खुले समुद्री इलाके की अवधारणा को स्वीकार करता है तो वह देश इसमें शामिल हो सकता है।

राजदूत ने चीन का नाम नहीं लिया लेकिन इशारों में कहा कि इस धारणा में भरोसा करने वाले सभी देशों का एक साथ आने का स्वागत है। इसी संदर्भ में यह पूछे जाने पर कि क्या चार देशों (जापान, भारत, अमेरिका और आस्ट्रेलिया ) के चतुर्पक्षीय गुट क्वाड में और देशों को शामिल किया जा सकता है राजदूत ने कहा कि इस समूह की दो बैठकें हो चुकी हैं और इसकी धुरि में दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन(आसियान) को रख कर ही इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चारों देशों के बीच हिंद प्रशांत इलाके को लेकर साझा समझ विकसित करने के बारे में चर्चा चल रही है।

क्वाड की अवधारणा नियमों पर आधारित समुद्री व्यवस्था है जिसमें खुली समुद्री आवाजाही को सुनिश्चित किया जाए और इस इऱादे से क्वाड के चारों देश ठोस सहयोग की ओऱ आगे बढ़ रहे हैं। राजदूत ने कहा कि क्वाड के अलावा इस इलाके में भारत, अमेरिका औऱ जापान के अलावा भारत आस्ट्रेलिया और जापान के बीच भी त्रिपक्षीय सहयोग की व्यवस्था बन चुकी है।

भारत औऱ जापान के बीच सामरिक सहयोग को मजबूती देने के लिेये दोनों देशों के रक्षा उद्योग के बीच सहयोग को अहम बताते हुए राजदूत ने कहा कि जापानी रक्षा कम्पनियां मेक इन इंडिया के तहत भारतीय रक्षा कम्पनियों से सहयोग पर बात कर रही हैं।

राजदूत ने कहा कि भारत और जापान अब सामरिक साझेदार बन चुके हैं इसलिये दोनों देशों के बीच सामरिक मसलों पर चर्चाएं चलती रहती हैं। हिंद प्रशांत इलाके को लेकर भारत और जापान समान विचार रखते हैं। उल्लेखनीय है कि दक्षिण और पूर्वी चीन सागर में चीन द्वारा अपने नौसैनिक और प्रादेशिक विस्तार की गतिविधियों और पूरे सागरीय इलाके पर अपना प्रभुत्व जताने की वजह से हिंद प्रशांत के देशों में चिंता पैदा हो गई है। एशिया प्रशांत के देशों का अधिकतर व्यापार इन्हीं सागरों के जरिये होता है इसलिये भारत, जापान अमेरिका आदि देश चीन को सामूहिक तौर पर चुनौती देने के लिए साझा रणनीति पर काम कर रहे हैं।

Comments

Most Popular

To Top